ब्रेन सर्जरी के बावजूद सद्गुरु ने बाइक से तय किया 17 दिनों की कैलाश यात्रा

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कोयंबटूर, 30 अगस्त (आईएएनएस)। ईशा योग केंद्र के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने एक बार फिर अपनी अद्भुत मानसिक और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया है। दो अहम ब्रेन सर्जरी के बाद डॉक्टरों की सख्त हिदायत के बावजूद सद्गुरु ने 17 दिनों की मोटरसाइकिल यात्रा कर कैलाश पर्वत की कठिन यात्रा पूरी की।

शनिवार को कोयंबटूर एयरपोर्ट लौटने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ।

एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए सद्गुरु ने कहा, “डॉक्टरों ने मुझे सलाह दी थी कि मैं बाइक न चलाऊं, लेकिन मैं समुद्र तल से 18,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित कैलाश तक मोटरसाइकिल से गया। यह सब योग की शक्ति का प्रमाण है।”

सद्गुरु की यह यात्रा सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास की मिसाल बन गई है।

उन्होंने कहा, “मैंने वह कर दिखाया है, जिसे डॉक्टर असंभव मानते थे। यह योग के अभ्यास की ताकत है, जो व्यक्ति को अंदर से मजबूत बनाती है।”

सद्गुरु का यह साहसिक सफर कई लोगों के लिए प्रेरणा बन रहा है, खासकर उनके लिए जो गंभीर शारीरिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह यात्रा केवल उनके लिए नहीं थी, बल्कि यह योग की सच्ची शक्ति को दुनिया के सामने दिखाने का एक प्रयास था।

बातचीत के दौरान उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का भी जिक्र किया और कहा, “अमेरिका के टैक्स सिस्टम का असर तो है, लेकिन जो कुछ भी देश के विकास के लिए जरूरी है, वो करना ही चाहिए। हमें ये साबित करना होगा कि हम एक शक्तिशाली देश हैं।”

तमिलनाडु की राजनीति पर बात करते हुए सद्गुरु ने साउथ के सुपरस्टार थलापति विजय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु में राजनीति और सिनेमा का गहरा रिश्ता है। जिस तरह कभी एमजीआर और जयललिता आए थे, उसी तरह अब विजय भी राजनीति में कदम रख रहे हैं।”

बता दें कि मार्च 2022 में सद्गुरु ने ‘मिट्टी बचाओ अभियान’ शुरू किया था। यह अभियान केवल 100 दिनों के भीतर 3.91 अरब से अधिक लोगों तक पहुंच गया था।