Tuesday, May 5, 2026
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सबरीमाला फैसले वाली पीआईएल पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बोला- ‘आपको इन मुद्दों से इतनी...

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन के उस जनहित याचिका (पीआईएल) को दायर करने के अधिकार और इरादे पर सवाल उठाया, जिसके कारण सबरीमाला पर बहुचर्चित फैसला आया था। नौ जजों की संविधान पीठ ने बार-बार यह पूछा कि वकीलों के एक संगठन ने धार्मिक रीति-रिवाजों से जुड़े मामले में दखल देने का फैसला क्यों किया।

संतुलित थाली ही है स्वस्थ जीवन का आधार, जानिए क्या और कितना खाएं?

नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। हमारी सेहत की असली नींव हमारी रोज की थाली में रखी होती है। हम रोज क्या खाते हैं और कितना खाते हैं उसका सीधा असर हमारे शरीर पर पड़ता है। इसलिए जरूरी है कि हम समझें कि एक संतुलित थाली आखिर होती कैसी है और उसमें क्या-क्या होना चाहिए।

टीवीके को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कम से कम 10 सीटों की...

चेन्नई, 5 मई (आईएएनएस)। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। करीब छह दशक से जारी द्रविड़ दलों के दबदबे को तोड़ते हुए अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी, टीवीके, 2026 विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। पहली बार चुनाव लड़ने उतरी इस पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है।

क्या है लिपुलेख पास का इतिहास? इस रास्ते से कैलाश मानसरोवर की यात्रा से...

नई दिल्ली, 4 मई (आईएएनएस)। कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए लिपुलेख पास के इस्तेमाल को लेकर नेपाल की बालेंद्र शाह की सरकार ने परेशानी खड़ी कर दी है। नेपाल सरकार का कहना है कि भारत और चीन के लिए कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने को लिपुलेख की जमीन का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, इस पर भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से भी बयान सामने आ चुका है। आइए जानते हैं कि लिपुलेख से होकर मानसरोवर की यात्रा को लेकर बालेंद्र शाह की सरकार को क्या ऐतराज है।

अमेरिका का मानना, समुद्री नाकेबंदी से ईरान को हुआ 456 अरब रुपए का नुकसान:...

वाशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। अमेरिकी की समुद्री नाकाबंदी के कारण ईरान को तेल राजस्व में लगभग 4.8 अरब डॉलर (456 अरब रुपए ) का नुकसान हुआ है। एक्सियोस के मुताबिक यह आकलन अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) का है।

क्यों जरूरी है प्रेस की आजादी? चुनौतियों के बीच समाज में मीडिया की भूमिका

नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। कलम का सिपाही कहें, सच का पहरेदार कहें या फिर वो योद्धा जो बिना हथियार के सत्ता को सवालों के कठघरे में खड़ा कर दे, वह पत्रकार ही है। पत्रकार सिर्फ खबरें नहीं लिखता, वह समाज की धड़कन को शब्द देता है। जो दिखता नहीं, उसे सामने लाता है और जो छुपाया जाता है, उसे उजागर करता है। यही वजह है कि प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है।

ईरान संघर्ष में मध्य एशिया स्थित कई अमेरिकी सैन्य अड्डे पूरी तरह बर्बाद: रिपोर्ट

वाशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के दौरान मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 8 देशों में फैले 16 अमेरिकी सैन्य अड्डों पर इसका असर पड़ा है, जिनमें से कुछ अब लगभग उपयोग के लायक नहीं बचे हैं।

क्या है जलवायु परिवर्तन, क्यों बदल रहा है धरती का मिजाज?

नई दिल्ली, 1 मई (आईएएनएस)। जलवायु परिवर्तन आज पूरी दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। सरल शब्दों में कहें तो जलवायु परिवर्तन का मतलब है लंबे समय तक किसी इलाके या पूरी पृथ्वी की औसत मौसम स्थितियों में होने वाला स्थायी बदलाव। इसमें तापमान, बारिश, सूखा और मौसम के पैटर्न में बदलाव शामिल हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव से तेल आपूर्ति पर खतरा, अमेरिकी सांसदों ने महंगाई...

वॉशिंगटन, 30 अप्रैल (आईएएनएस): अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का असर अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। अलग-अलग राज्यों में तेल की कीमतें 90 रुपए से लेकर 135 रुपए के बीच चल रही हैं। ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव को लेकर अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है।

ईरान की चेतावनी: अमेर‍िका की ‘समुद्री डकैती और गुंडागर्दी’ जल्‍द अनोखी सैन्य कार्रवाई का...

तेहरान, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। ईरान के सरकारी प्रेस टीवी ने बुधवार को बताया कि अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ 'समुद्री नाकेबंदी' के रूप में जारी कथित 'समुद्री डकैती और गुंडागर्दी' को जल्द ही 'व्यावहारिक और अभूतपूर्व सैन्य कार्रवाई' का सामना करना पड़ेगा।

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