चेन्नई: नंदनम वाईएमसीए ग्राउंड में 21 जनवरी तक लगेगा बुक फेयर, सीएम स्टालिन करेंगे...
चेन्नई, 8 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन गुरुवार को चेन्नई बुक फेयर के 49वें एडिशन का उद्घाटन करेंगे। चेन्नई बुक फेयर दक्षिण देश के सबसे मशहूर साहित्यिक आयोजनों में से एक है।
साहित्यकार मोहन राकेश: जब गरीबी के हालातों ने पिता की अर्थी रोक दी, तब...
नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। "हममें से हर कोई अधूरा है, अधूरा है क्योंकि हसरतें अधूरी हैं, क्योंकि हम हमेशा पूर्णता की खोज में आधे अधूरे रहते हैं।" जिंदगी का यही स्याह सच एक लेखक ने बड़ी महारथ के साथ समझाया था। वे थे जाने माने लेखक और नाटककार मोहन राकेश। मोहन राकेश आधुनिक हिंदी कथा साहित्य में 'नई कहानी' आंदोलन के प्रसिद्ध कथाकार माने जाते हैं। आज भी मोहन राकेश का साहित्य आधुनिक हिंदी साहित्य में 'मील का पत्थर' माना जाता है।
यादों में कमलेश्वर: ‘नई कहानी’ के आधार स्तंभ, जो साहित्य को मानते थे समाज...
नई दिल्ली, 5 जनवरी (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के सशक्त हस्ताक्षर कमलेश्वर का नाम आते ही ‘नई कहानी’ आंदोलन के आधार स्तंभ की याद आती है। उनकी लेखनी सिर्फ कहानियों तक सीमित नहीं रही। उन्होंने उपन्यास, पत्रकारिता, स्तंभ लेखन, फिल्म पटकथा और टेलीविजन के लिए भी शानदार लेखन किया। ‘नई कहानी’ और ‘समांतर कहानी’ जैसे आंदोलनों को दिशा देने वाले कमलेश्वर ने समाज की विसंगतियों को बेबाकी से उकेरा।
जब ‘मौत’ ने दिया कवि को जिंदगी का वरदान, जानें गोपालदास नीरज की कहानी
नई दिल्ली, 3 जनवरी (आईएएनएस)। यह कहानी है एक ऐसी शख्यियत की, जिन्हें 'मौत' लंबी उम्र का आशीर्वाद देकर गई तो ईश्वर ने खास कला और हुनर के रूप में हसीन मेहरबानियां कीं। बात हो रही है कि कवि और लेखक गोपालदास नीरज की, जिन्हें हिंदी साहित्य में एक काव्य वाचक और गीत लेखक के रूप में पहचान मिली।
दिल्ली शब्दोत्सव 2026 : प्रतिभागियों ने कहा- शब्दों से जुड़ रहें युवा, हिंदी आज...
नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित दिल्ली शब्दोत्सव 2026 का माहौल उत्साह और रचनात्मकता से भरा नजर आ रहा है। आयोजन स्थल पर साहित्य, संगीत और कला का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। शब्दों और सुरों के इस उत्सव में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंचे और उन्होंने अपनी भागीदारी के अनुभव साझा किए।
यादों में अनवर : भगवद् गीता के उर्दू अनुवादक, मुशायरों के चहेते और सामाजिक...
नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। साल था 2018 और तारीख थी 2 जनवरी… जब उर्दू शायरी की दुनिया में अजीब सी खामोशी छा गई। इस दिन उस शख्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया, जिसकी आवाज ने मुशायरों को रौशन किया, जिसकी कलम ने संस्कृत के श्लोकों को उर्दू के शेरों में ढाला। उस शख्स ने साहित्य को सामाजिक सौहार्द का जरिया बनाया और उनका नाम था अनवर जलालपुरी।
जयंती विशेष : ‘राग दरबारी’ से व्यंग्य को नई ऊंचाई देने वाले रचनाकार
नई दिल्ली, 31 दिसंबर (आईएएनएस)। हिंदी साहित्य के प्रसिद्ध व्यंग्यकार का नाम लिया जाए तो उसमें श्रीलाल शुक्ल का नाम जरूर आता है। साहित्यकार की 31 दिसंबर को जयंती है। उत्तर प्रदेश, लखनऊ के अतरौली गांव में जन्मे शुक्ल ने अपनी कलम से साबित किया कि व्यंग्य सिर्फ हंसाने का माध्यम नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक मुद्दों को हल्के और प्रभावी अंदाज में सामने लाने का मजबूत जरिया भी है।
यादों में दुष्यंत : ‘मसान’ की गुजरती रेल, शब्दों में थरथराता ‘दिल’, तड़प और...
नई दिल्ली, 29 दिसंबर (आईएएनएस)। साल 2015 में बॉलीवुड की फिल्म 'मसान' रिलीज हुई। बनारस, आज के युवाओं के लिए वाराणसी, के बैकड्रॉप पर सेट इस फिल्म के हर संवाद, सीन और गाने लोगों के कानों के रास्ते दिल तक पहुंच गए। एक गाना है, 'तू किसी रेल सी गुजरती है, मैं किसी पुल सा थरथराता हूं।' यह गाना दुष्यंत कुमार की गजल से लिया गया, जिसने हर उम्र को अपना दीवाना बना लिया।
सही मायने में भारतीय संस्कृति को अपनाना ही आधुनिकता है
डॉ कपिल भार्गव
आधुनिक युग में ‘आधुनिकता’ को प्रायः पाश्चात्य जीवन-शैली, उपभोगवाद और तकनीकी प्रगति से जोड़ दिया जाता है। परंतु भारतीय दृष्टि से आधुनिकता...
विनीता चौबे के नए संग्रह ‘परछाईं’ का गरिमामय लोकार्पण
भोपाल : 25 दिसंबर/ आईसेक्ट पब्लिकेशन एवं वनमाली सृजन पीठ के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के सभागार में वरिष्ठ...



