पुरुषोत्तम मास विशेष: नारायण के पदचिन्हों पर बना 18वीं शताब्दी का यह मंदिर, पितरों...
गया, 23 मई (आईएएनएस)। भगवान विष्णु को प्रिय पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) चल रहा है। इस महीने में दान-पुण्य के साथ ही नारायण के दर्शन-पूजन का भी विशेष विधान है। दुनियाभर में भगवान विष्णु को समर्पित कई देवालय हैं, जो अध्यात्म के साथ ही चमत्कारी कथा के साथ भी जुड़े हुए हैं। ऐसा ही एक दिव्य मंदिर बिहार के गया जिले में स्थित है, जो नारायण के पदचिन्हों पर बना है और मंदिर का संबंध पितरों से भी है।
रेशम, मसाले और हस्तशिल्प… दक्षिण भारत राज्यों की पहचान बने ये ‘जीआई’ उत्पाद
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। भारत की सांस्कृतिक विविधता जितनी विशाल है, उतनी ही समृद्ध उसकी पारंपरिक उत्पादों की विरासत भी है। दक्षिण भारत के गांवों, खेतों और कारीगर बस्तियों में सदियों से तैयार हो रहे कई उत्पाद आज वैश्विक बाजार में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। यहां की मिट्टी में बसा स्वाद, कला और परंपरा आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। गांवों की छोटी-छोटी कार्यशालाओं और खेतों से निकलकर ये उत्पाद अब अमेरिका, यूरोप, जापान और मध्य पूर्व तक पहुंच रहे हैं।
झारखंड: मां भगवती का दिव्य मंदिर, जहां 9 नहीं 16 दिनों की होती है...
लातेहार, 22 मई (आईएएनएस)। देश-दुनिया में आदिशक्ति के कई भव्य व चमत्कारी कथा से जुड़े मंदिर हैं, जहां कि कथा श्रद्धालुओं के विश्वास और भक्ति को और भी शक्ति देती है। देवी का ऐसा ही प्राचीन मंदिर झारखंड राज्य के लातेहार जिले में एक है, जहां आस्था की गहराई और आध्यात्मिक रहस्य एक साथ देखने को मिलते हैं।
सिर्फ खानपान नहीं, वैश्विक पहचान भी; ‘जीआई’ टैग ने बदली भारतीय उत्पादों की तस्वीर
नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली, संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देशों की यात्रा सिर्फ कूटनीति और आर्थिक समझौतों तक सीमित नहीं रही। इस यात्रा ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और अनोखे कृषि उत्पादों को वैश्विक मंच पर भी पहचान दिलाई। उन्होंने विदेश के नेताओं को भारत से ले गए असम का 'मूगा रेशम शॉल', गुजरात की 'रोगन पेंटिंग', बिहार की 'मिथिला पेंटिंग' जैसे खास तोहफे भेंट किए। देश के ये सभी उत्पाद अपने-अपने शहर की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
नमाज तय जगहों पर ही पढ़ी जाए, सड़कों पर नहीं : उत्तराखंड सीएम धामी
देहरादून, 22 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सार्वजनिक सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही चेतावनी दी कि चारधाम यात्रा के दौरान यातायात या कानून-व्यवस्था में बाधा डालने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर धर्म का सम्मान किया जाता है, लेकिन कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
‘जिंदगी भर की मेहनत का फल मिला’, पद्मश्री अवार्ड से सम्मानित होंगे गफरुद्दीन मेवाती...
अलवर, 22 मई (आईएएनएस)। वाद्य यंत्र भपंग बजाने के लिए गफरुद्दीन मेवाती जोगी को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्हें 25 मई को दिल्ली में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। 25 जनवरी को भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। पद्मश्री मिलने को लेकर उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत की।
160 फीट की ऊंचाई से गिरता शीतल जलप्रपात, ठंडक-प्राकृतिक खूबसूरती का संगम, यहीं श्रीकृष्ण...
नवादा, 21 मई (आईएएनएस)। देश भर के कई हिस्सों में तिलचिलाती धूप, गर्म हवा और उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा है। ऐसे में प्राकृतिक ठंडक और सुकून की तलाश में पर्यटक प्राकृतिक स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। बिहार के नवादा जिले में स्थित ककोलत जलप्रपात ऐसी ही एक खूबसूरत जगह है, जहां गर्मी में भी ठंडक का अहसास होता है। यहां का शीतल जल और प्राकृतिक नजारा लोगों को लुभाता है।
उत्तराखंड में वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच मद्यमहेश्वर मंदिर के कपाट खुले
रुद्रप्रयाग, 21 मई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पूजनीय श्री मद्यमहेश्वर (मध्यमहेश्वर) मंदिर के कपाट गुरुवार को शुभ 'कर्क लग्न' के दौरान, विस्तृत वैदिक अनुष्ठानों, मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक समारोहों के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
श्रीलंका की नेशनल आर्ट गैलरी से 42 प्राचीन पेंटिंग्स गायब, जांच शुरू
कोलंबो, 21 मई (आईएएनएस)। श्रीलंका की नेशनल आर्ट गैलरी से गायब हुई 42 पेंटिंग्स की जानकारी संसद को दी गई। हाल ही में जांच के दौरान रिकॉर्ड्स में इन अनमोल पेंटिग्स के लापता होने की सच्चाई सामने आई।
टैगोर की रचनाएं और ‘लोकटक टी’ समेत देसी रंग में रचे-बसे उपहार प्रधानमंत्री मोदी...
नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा संपन्न कर स्वदेश लौट आए हैं। चार यूरोपीय देशों का दौरा किया इनमें से एक दुनिया का चौथा सबसे खुशहाल देश स्वीडन भी था। प्रधानमंत्री ने यहां शिष्टाचार के तौर पर भारत के अध्यात्म, साहित्य, संस्कृति और विशेषता को दर्शाते उपहार अपने समकक्ष पीएम उल्फ क्रिस्टर्सन और क्राउन प्रिंसेस को दिए।

