राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में जारी डाक टिकट भारत के सांस्कृतिक...

नई दिल्ली/भोपाल, 25 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को राजा भोज और रानी कमलापति के सम्मान में जारी किए गए स्मारक डाक टिकटों को भारत की सांस्कृतिक विरासत और मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक धरोहर की महत्वपूर्ण मान्यता बताया।

आंध्र प्रदेश की सिम्हाचलम पहाड़ी पर स्थित वह मंदिर, जहां भक्त प्रह्लाद की रक्षा...

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। वर्तमान में भगवान विष्णु को प्रिय पुरुषोत्तम मास चल रहा है। इस महीने में दान-पुण्य के साथ ही नारायण के दर्शन-पूजन का भी विशेष विधान है। इस महीने में भगवान विष्णु के दर्शन-पूजन की विशेष मान्यता है। देश -दुनिया में नारायण के कई मंदिर हैं, जो श्रद्धा और इतिहास के साथ वास्तुकला का अद्भुत संगम भी दिखाते हैं। ऐसा ही एक भव्य मंदिर आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम के सिम्हाचलम पहाड़ी पर बना श्री वराह लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर है। राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल मंदिर को लेकर मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए भगवान नरसिंह इसी स्थान पर प्रकट हुए थे।

मार्को रूबियो ने पत्नी जेनेट के साथ किया ताजमहल का दीदार

नई दिल्ली, 25 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो भारत दौरे के तीसरे दिन दुनिया के सात अजूबों में शामिल ताज महल का दीदार करने पहुंचे। उनके साथ पत्नी जेनेट डी. रूबियो, अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गैब्रियल और भारत स्थित अमेरिकी दूतावास के राजदूत सर्जियो गोर भी थे।

पुरुषोत्तम मास विशेष: दक्षिण भारतीय और ओडिशा शैली में निर्मित नारायण का भव्य मंदिर,...

जगदलपुर, 24 मई (आईएएनएस)। पुरुषोत्तम मास को भगवान विष्णु की आराधना का सबसे पवित्र और खास समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा और दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। ऐसे में आपको छत्तीसगढ़ के जगदलपुर स्थित नारायण के भव्य मंदिर के बारे में बताते हैं, जो दक्षिण भारतीय और ओडिशा शैली में निर्मित है।

मूगा सिल्क से नागा मिर्च तक, दुनिया के मंच पर चमक रहा पूर्वोत्तर भारत...

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इटली यात्रा केवल राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों को मजबूत करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इस दौरे ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कला और स्थानीय उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई। दुनिया के बड़े नेताओं को भारत के अलग-अलग राज्यों से चुने गए जीआई टैग प्राप्त उत्पाद भेंट कर प्रधानमंत्री ने यह संदेश दिया कि भारत की असली ताकत उसकी विविधता, परंपरा और स्थानीय हुनर में बसती है।

दिल्ली में आज भव्य जनजातीय सम्मेलन का आयोजन, गृह मंत्री अमित शाह होंगे शामिल

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार को दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर में आयोजित होने वाले एक भव्य 'जनजाति सांस्कृतिक समागम' (आदिवासी सांस्कृतिक सम्मेलन) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यह आयोजन आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।

पुरुषोत्तम मास विशेष: नारायण के पदचिन्हों पर बना 18वीं शताब्दी का यह मंदिर, पितरों...

गया, 23 मई (आईएएनएस)। भगवान विष्णु को प्रिय पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) चल रहा है। इस महीने में दान-पुण्य के साथ ही नारायण के दर्शन-पूजन का भी विशेष विधान है। दुनियाभर में भगवान विष्णु को समर्पित कई देवालय हैं, जो अध्यात्म के साथ ही चमत्कारी कथा के साथ भी जुड़े हुए हैं। ऐसा ही एक दिव्य मंदिर बिहार के गया जिले में स्थित है, जो नारायण के पदचिन्हों पर बना है और मंदिर का संबंध पितरों से भी है।

रेशम, मसाले और हस्तशिल्प… दक्षिण भारत राज्यों की पहचान बने ये ‘जीआई’ उत्पाद

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। भारत की सांस्कृतिक विविधता जितनी विशाल है, उतनी ही समृद्ध उसकी पारंपरिक उत्पादों की विरासत भी है। दक्षिण भारत के गांवों, खेतों और कारीगर बस्तियों में सदियों से तैयार हो रहे कई उत्पाद आज वैश्विक बाजार में अपनी खास पहचान बना चुके हैं। यहां की मिट्टी में बसा स्वाद, कला और परंपरा आज विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं। गांवों की छोटी-छोटी कार्यशालाओं और खेतों से निकलकर ये उत्पाद अब अमेरिका, यूरोप, जापान और मध्य पूर्व तक पहुंच रहे हैं।

झारखंड: मां भगवती का दिव्य मंदिर, जहां 9 नहीं 16 दिनों की होती है...

लातेहार, 22 मई (आईएएनएस)। देश-दुनिया में आदिशक्ति के कई भव्य व चमत्कारी कथा से जुड़े मंदिर हैं, जहां कि कथा श्रद्धालुओं के विश्वास और भक्ति को और भी शक्ति देती है। देवी का ऐसा ही प्राचीन मंदिर झारखंड राज्य के लातेहार जिले में एक है, जहां आस्था की गहराई और आध्यात्मिक रहस्य एक साथ देखने को मिलते हैं।

सिर्फ खानपान नहीं, वैश्विक पहचान भी; ‘जीआई’ टैग ने बदली भारतीय उत्पादों की तस्वीर

नई दिल्ली, 22 मई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली, संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देशों की यात्रा सिर्फ कूटनीति और आर्थिक समझौतों तक सीमित नहीं रही। इस यात्रा ने भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्पकला और अनोखे कृषि उत्पादों को वैश्विक मंच पर भी पहचान दिलाई। उन्होंने विदेश के नेताओं को भारत से ले गए असम का 'मूगा रेशम शॉल', गुजरात की 'रोगन पेंटिंग', बिहार की 'मिथिला पेंटिंग' जैसे खास तोहफे भेंट किए। देश के ये सभी उत्पाद अपने-अपने शहर की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

खरी बात