पद्मश्री सुदर्शन पटनायक ने रक्षाबंधन पर बनाई भगवान जगन्नाथ की अद्भुत रेत मूर्ति
पुरी, 8 अगस्त (आईएएनएस)। विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार और पद्मश्री सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक बार फिर अपनी कला का जादू बिखेरा है।
सावन विशेष: 80 टन का शिखर और नींव नहीं, कई भूकंप बर्दाश्त कर चुका...
तंजावुर, 22 जुलाई (आईएएनएस)। सावन का पवित्र महीना चल रहा है, और देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों का तांता लगा है। तमिलनाडु के तंजावुर स्थित बृहदेश्वर मंदिर न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी अद्भुत वास्तुकला के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है। 1000 वर्ष से भी पुराना यह मंदिर चोल वंश की भव्यता का प्रतीक है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल इस मंदिर का 80 टन वजनी शिखर और भूकंप के झटकों को सहने की क्षमता हर किसी को हैरत में डालती है।
श्रीलंका में बौद्ध धर्म से जुड़ी प्रतिकृतियों की लगाई गई प्रदर्शनी, भारतीय उच्चायुक्त ने...
कोलंबो, 22 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और श्रीलंका की साझा विरासत को मजबूत करते हुए श्रीलंका में राजा गुरु श्री सुबुथी महा विहार मंदिर में सम्राट अशोक के वैशाली स्तंभ की प्रतिकृति और कपिलवस्तु के पवित्र अवशेषों की विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है। श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोश झा ने मंगलवार को इसका उद्घाटन किया।
श्रावण विशेष: महादेव करते हैं वो सब कुछ स्वीकार जो आपके लिए है वर्जित
नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। देवादिदेव भोले शंकर को समर्पित श्रावण मास प्रतिपदा से आरंभ हो चुका है। औढरदानी को प्रसन्न करने के लिए भक्त कई जतन करते हैं, लेकिन भगवान तो भाव के भूखे हैं, इसलिए जब भी इस दिन समय मिले, उन्हें सिर्फ एक लोटा जल चढ़ाके खुश कर सकते हैं। अक्सर आपने देखा होगा कि शिवलिंग पर भगवान को दूध, दही, धतूरा, बेलपत्र जैसे पदार्थ अर्पित किए जाते हैं, लेकिन क्या कभी आपने सोचा ऐसा क्यों होता है?
पुण्यतिथि विशेष : ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर, जिनकी रचनाएं अमर हैं
नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। 'आवेला आसाढ़ मास, लागेला अधिक आस, बरखा में पिया रहितन पासवा बटोहिया…' ये पंक्ति 'भोजपुरी के शेक्सपियर’ भिखारी ठाकुर की अमर रचना ‘बिदेसिया’ की है, जो आज भी बिहार, झारखंड और पूर्वांचल के गांवों में गूंजती हैं। 10 जुलाई को उनकी पुण्यतिथि है, लोक कवि, नाटककार, गीतकार और समाज सुधारक ने अपनी कला से समाज की कुरीतियों पर प्रहार किया और वंचितों की आवाज बुलंद की।
ब्राजील में गणेश वंदना के साथ पीएम मोदी का स्वागत, ब्रिक्स सम्मेलन से पहले...
रियो डी जेनेरियो, 6 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की यात्रा के अगले पड़ाव ब्राजील पहुंच गए हैं जहां रियो डी जेनेरियो में वह 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यहां पहुंचने पर अनोखे अंदाज में गणेश वंदना "ओम गं गणपतये नमः" के साथ उनका स्वागत किया गया।
सावन का पावन महीना! फिर भी शादियों पर क्यों है रोक? जानें इसकी धार्मिक...
नई दिल्ली, 4 जुलाई (आईएएनएस)। सावन का महीना हिंदू धर्म में बहुत ही खास माना जाता है क्योंकि यह भगवान शिव का प्रिय महीना होता है। इस महीने में भक्त बड़ी श्रद्धा से भोलेनाथ की पूजा करते हैं, व्रत रखते हैं और उनसे खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। कहा जाता है कि अगर सावन में भगवान शिव प्रसन्न हो जाएं तो हर मनोकामना पूरी हो जाती है। खासकर कुंवारी लड़कियां अपने मनपसंद वर की प्राप्ति के लिए सावन में भोलेनाथ की पूजा करती हैं, वहीं विवाहित महिलाएं अपने पति और परिवार की खुशहाली के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की अराधना करती हैं।
त्रिनिदाद एंड टोबैगो: प्रधानमंत्री कमला ने स्वागत भाषण में पढ़ी पीएम मोदी की कविता
पोर्ट ऑफ स्पेन, 4 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मोदी अपनी यात्रा के दूसरे चरण में त्रिनिदाद एंड टोबैगो पहुंचे। उन्होंने यहां त्रिनिदाद एंड टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला पर्साद-बिसेसर से मुलाकात की। वो पल खास रहा जब पीएम कमला ने पीएम मोदी की किताब ‘आंख आ धन्य छे’ में प्रकाशित एक कविता का उल्लेख किया।
‘रामायण’ से ‘महाकुंभ’ तक… पीएम मोदी ने त्रिनिदाद और टोबैगो में किया इन बातों...
पोर्ट ऑफ स्पेन, 4 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मोदी पांच देशों की यात्रा के दूसरे चरण के तहत त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे। इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने भारतीय प्रवासियों को संबोधित किया और भारत-त्रिनिदाद और टोबैगो के संबंधों पर बात की। साथ ही उन्होंने भगवान राम से लेकर महाकुंभ और त्रिनिदाद और टोबैगो की रामलीलाओं का भी जिक्र किया।
सिराजगंज में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर में तोड़फोड़, बांग्लादेश सरकार ने की कार्रवाई
सिराजगंज (बांग्लादेश), 13 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश के सिराजगंज जिले में नोबेल पुरस्कार विजेता कवि रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास में हुई तोड़फोड़ की घटना ने सबको हैरान कर दिया है। यह संपत्ति बांग्लादेश सरकार के पुरातत्व विभाग के अधीन है। टैगोर के साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान का प्रतीक है। बांग्लादेश सरकार ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है और जांच शुरू कर दी है।











