रायपुर, 27 जनवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में भारत विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत ना सिर्फ खुद विकास के प्रतिमान प्रतिदिन गढ़ रहा है, बल्कि वसुधैव कुटंबकम के तहत समस्त विश्व को एक परिवार मानते हुए उसकी कल्याण के लिए काम कर रहा है। हम विश्वभर में विकास के संबंधित काम के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं कर रहे हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हम विश्व कल्याण की दिशा में भी अपनी तरफ से भरसक योगदान दे रहे हैं। हमारी शासन व्यवस्था का मुख्य ध्येय सदैव सामाजिक कल्याण करना रहा है। हमने इस पर भी विचार मंथन किया है कि विश्व समुदाय के कल्याण में क्या योगदान दे सकते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि हम कृषि क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यह हमारी कार्यशैली का ही नतीजा है कि आज की तारीख में हम चावल के उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर पहुंच चुके हैं। हमने हरित क्रांति के दौर से भी तेज गति से कृषि के विकास में उपलब्धि हासिल की है। पिछले साल जब हमने विकसित कृषि संकल्प अभियान चलाया था, तो तीन-चार चीजें हमारे ध्यान में आई थीं, जिसमें कृषि मंत्रालय काफी तेजी से काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि हमें पिछले कई दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि घटिया कीटनाशक की वजह से किसानों को बहुत नुकसान हो रहा है, उत्पादन क्षमता प्रभावित हो रही है। इसी को देखते हुए अब पेस्टिसाइड एक्ट और सीड एक्ट पर काम कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसानों को इसका अनवरत फायदा मिलता रहे। उनके हितों पर किसी भी प्रकार की आंच नहीं आए। हमने इस संबंध में सुझाव भी मांगे हैं, जिस पर हम काम कर रहे हैं।
इसके अलावा, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मनरेगा को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अब हमारी सरकार ने मनरेगा में कई तरह के बदलाव किए हैं। हमने यह सुनिश्चित किया है कि इस योजना के तहत किसानों को व्यापक स्तर पर फायदा मिले। पहले मनरेगा के तहत किसानों को सिर्फ 100 दिनों तक ही रोजगार मिलता था, लेकिन हमारी सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि इस योजना के तहत किसानों को 125 दिनों तक रोजगार मिले। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके हितों पर किसी भी प्रकार की आंच न आए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर हम इस रूपरेखा के तहत काम करेंगे तो निश्चित तौर पर हम आगामी दिनों में गरीबी मुक्त गांव बनाने में सफल रहेंगे। इस तरह से हमें कोई भी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने से कोई नहीं रोक सकता। विकसित भारत जी राम जी योजना से मजदूरों और किसानों दोनों को फायदा होगा। इससे गांवों को संपूर्ण तरीके से विकसित किया जा सकेगा।

