चंडीगढ़, 8 दिसंबर (आईएएनएस)। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने उनके निलंबन की पुष्टि की है। निलंबन के कुछ घंटों बाद नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष को असंवेदनशील, गैरजिम्मेदार, नैतिक रूप से बेईमान और भ्रष्ट करार दिया।
नवजोत कौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि मैं एक असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार, नैतिक रूप से बेईमान और भ्रष्ट अध्यक्ष के साथ खड़े होने से इनकार करती हूं। मैं अपने उन सभी भाइयों और बहनों के साथ खड़ी हूं, जिन्हें उनकी अक्षमता और गैर जिम्मेदाराना व्यवहार से ठेस पहुंची है। मैं उन्हें अध्यक्ष के रूप में स्वीकार करने से इनकार करती हूं।
उन्होंने लिखा कि राजा वारिंग, वाहेगुरु ने मुझे पंजाब को तुमसे बचाने की कृपा की है। तुमने पंजाब कांग्रेस को टुकड़ों में बांट दिया है और तुम कई मामलों में अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए मुख्यमंत्री के तलवे चाट रहे हो और उनके इशारों पर नाच रहे हो।
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी कौर को उनके 500 करोड़ रुपए वाली टिप्पणी के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। पूर्व मंत्री नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया था, “मुख्यमंत्री वही बनता है जो 500 करोड़ रुपए की अटैची देता है।”
नवजोत कौर ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि सक्रिय राजनीति में नवजोत सिंह सिद्धू तभी लौटेंगे जब कांग्रेस उन्हें पंजाब में पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करेगी। उनके पास किसी पार्टी को देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन वे पंजाब को एक ‘सुनहरा राज्य’ बना सकते हैं, लेकिन हमारे पास 500 करोड़ रुपए नहीं हैं जो हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए दे सकें। जो 500 करोड़ रुपए की अटैची देता है, वही मुख्यमंत्री बनता है।
नवजोत कौर के इस बयान ने पंजाब से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस में हलचल मचा दी थी। उनके इस बयान को भाजपा ने हाथोंहाथ ले लिया और आरोप लगाया कि कांग्रेस पूरी तरह से भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस न पार्टी के लोकतंत्र को मानती है और न देश के लोकतंत्र में विश्वास रखती है।

