नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्लूईएफ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। इसी बीच, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र सरकार और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने देश-विदेश की कई प्रतिष्ठित कंपनियों और वैश्विक संस्थानों के साथ बड़े पैमाने पर समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
महाराष्ट्र में रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स, स्टील, नवीकरणीय ऊर्जा, आईटी-आईटीईएस, डेटा सेंटर, शहरी परिवहन और सतत औद्योगिक विकास जैसे सेक्टर में निवेश के लिए समझौते हुए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दावोस में अलग-अलग कारोबारियों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी जानकारी दी कि दावोस में डब्लूईएफ में अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के हेड और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य जेफ मेरिट के साथ सीएम देवेंद्र फडणवीस ने चर्चा की, जिसमें ग्लोबल इंडस्ट्रियल बदलावों और भविष्य में एंटरप्राइज डेवलपमेंट में सस्टेनेबल इनोवेशन की भूमिका पर चर्चा शामिल थी।
मुख्यमंत्री ने इंगका ग्रुप (आईकेईए रिटेल) के सीईओ और अध्यक्ष जुवेंसियो मैएज्यु से भी मुलाकात की। उन्होंने महाराष्ट्र में आईकेईए के विस्तार और बड़े पैमाने पर निवेश को लेकर चर्चा की। फडणवीस ने कहा कि आईकेईए की भारत के लिए योजनाओं के बारे में जानकर अच्छा लगा और उन्होंने महाराष्ट्र में उनके बिजनेस के लिए केंद्र सरकार की ओर से मिले सहयोग के लिए उनका धन्यवाद किया।
मुंबई में लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए 20 बिलियन डॉलर के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। गढ़चिरौली और विदर्भ में स्टील सेक्टर के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का समझौता हुआ। पालघर में स्टील सेक्टर के लिए बीएफएन फोर्जिंग्स और महाराष्ट्र सरकार ने 565 करोड़ रुपए की डील की है।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में महाराष्ट्र सरकार और योकी ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने चार हजार करोड़ रुपए का समझौता किया। इसी तरह मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में आईटी-डेटा सेंटर को लेकर महाराष्ट्र सरकार और लोढ़ा डेवलपर्स लिमिटेड के बीच एक लाख करोड़ रुपए के एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, देवेंद्र फडणवीस ने डब्लूईएफ शिखर सम्मेलन में कोका-कोला कंपनी के सीवीपी माइकल गोल्ट्जमैन से मिलकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, “हमने कोका-कोला के विस्तार की इच्छा और महाराष्ट्र के जामनेर जैसे संभावित विकल्पों पर बहुत सकारात्मक चर्चा की। मैंने उन्हें महाराष्ट्र की जीसीसी पॉलिसी, बेहतर क्वालिटी के खाने और महाराष्ट्र में सहयोग के कई अवसरों के बारे में भी बताया।”

