दिल्ली विधानसभा के मामले में पंजाब का हस्तक्षेप असंवैधानिक: विजेंद्र गुप्ता

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नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को 86वीं अखिल भारतीय स्पीकर सम्मेलन में पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस द्वारा आतिशी से जुड़े मामले में की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे अनैतिक और असंवैधानिक हस्तक्षेप बताया।

सम्मेलन में पंजाब विधानसभा स्पीकर भी मौजूद थे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश इस सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे हैं।

विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि हाल ही में दिल्ली विधानसभा में एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया था। सदन ने उसका संज्ञान लिया, फिर इसे विशेषाधिकार समिति को भेजा गया। समिति में सदस्यों ने विस्तार से विचार-विमर्श किया, तर्क-वितर्क हुए और सदस्यों की भावनाओं के अनुसार फैसले लिए जा रहे थे।

चर्चा में पक्ष और विपक्ष दोनों शामिल थे और अध्यक्ष के निर्देश पर कार्रवाई चल रही थी। ठीक इसी बीच दूसरे राज्य की सरकार ने अचानक इस मामले में दखल दे दिया। उसने पूरे प्रकरण को अपने अधीन ले लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। गुप्ता ने सवाल उठाया कि आखिर यह कौन सा न्याय है।

उन्होंने आगे कहा कि जब एक विधानमंडल में किसी विषय पर खुली चर्चा हो रही हो, फैसले हो रहे हों, पक्ष-विपक्ष अपनी बात रख रहे हों और अध्यक्ष के निर्देशों का पालन हो रहा हो, तो दूसरे राज्य का इस तरह हस्तक्षेप करना पूरी तरह गलत है। यह विधानसभा की स्वायत्तता और विशेषाधिकार का उल्लंघन है। गुप्ता ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की और कहा कि ऐसे हस्तक्षेप से लोकतंत्र की मूल भावना प्रभावित होती है।

यह मामला दिल्ली विधानसभा में आतिशी के एक वक्तव्य से जुड़ा है, जिसमें सिख गुरुओं के अपमान का आरोप लगाया गया है। दिल्ली विधानसभा ने इसे विशेषाधिकार भंग माना और फॉरेंसिक जांच कराई, जबकि पंजाब पुलिस ने अलग से एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे समानांतर जांच और राजनीतिक दुरुपयोग बताया। सम्मेलन में उन्होंने स्पीकरों से ऐसे मुद्दों पर एकजुटता दिखाने की अपील की।