पटना, 9 दिसंबर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव में इंडी अलायंस को करारी हार के बाद गठबंधन ने ईवीएम को दोषी ठहराया। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता शक्ति यादव ने कहा कि जब विकसित देशों में बैलेट पेपर से चुनाव हो रहे हैं, तो भारत में ईवीएम से चुनाव कराने की जरूरत क्या है? उन्होंने ईवीएम से चुनाव कराने को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।
बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर राजद नेता ने कहा कि जो जनादेश एनडीए को मिला है, वह किसी से पच नहीं रहा है। लोग यह मानने को तैयार नहीं हैं कि कैसे एनडीए को यह जनादेश मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि बिहार का जनादेश पचाना मुश्किल हो गया है। आम लोग इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। पूरा देश इस बारे में बात कर रहा है और हमारी आंतरिक समीक्षा में कई बातें सामने आई हैं। कोई तो अदृश्य शक्ति है, जो जनादेश को अपने हिसाब से बदल देती है।
राजद नेता ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार पर भी देश में चर्चा चल रही है। सीईसी की नियुक्ति के मामले में जो बदलाव सरकार और भाजपा ने किए हैं, वे सवालों के घेरे में हैं।
जर्मनी, अमेरिका जैसे देशों का जिक्र करते हुए राजद नेता ने कहा कि विकसित राष्ट्र ईवीएम से चुनाव नहीं कराते। टेक्नोलॉजी के मामले में आगे जर्मनी भी ईवीएम से मतदान नहीं कराता है। इसे अवैध माना गया है। अमेरिका में भी ईवीएम का इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन भारत में ईवीएम से चुनाव हो रहे हैं।
उन्होंने सवाल पूछा कि गांवों-गरीबों में टेक्नोलॉजी की कितनी पहुंच है? ईवीएम शक के घेरे में है और लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
राजद नेता ने बैलेट पेपर का जिक्र करते हुए कहा कि ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि ईवीएम पर बैन लगे और बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं। इससे चीजें बदल जाएंगी।

