दृष्टिबाधित लोगों की मदद करेगा एआई चश्मा, गांधीनगर में छात्र ने कहा- दैनिक कार्य होंगे आसान

0
20

गांधीनगर,14 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के गांधीनगर में रविवार को आयोजित पांचवें अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी दिवस के अवसर पर एक सराहनीय पहल की। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने दृष्टिबाधित छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्पेशल चश्मे प्रदान किए।

एआई-आधारित चश्मे दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए वस्तुओं की पहचान, नेविगेशन और दैनिक कार्यों में सहायता करने वाले नवीनतम तकनीकी उपकरण हैं।

12वीं कक्षा के छात्र जेनिल पारेख ने आईएएनएस से बातचीत में अपनी खुशी और उत्साह व्यक्त किया। जेनिल ने बताया कि ये एआई चश्मे दृष्टिबाधित छात्रों के लिए क्रांतिकारी साबित हो सकते हैं। इन चश्मों में एक कैमरा लगा है, जो टेक्स्ट को स्कैन करता है, इमेज कैप्चर करता है और फिर माइक्रोफोन या मोबाइल डिवाइस के माध्यम से उसे पढ़कर सुनाता है। इससे पढ़ाई में सुधार, ज्ञान अर्जन और दैनिक कार्यों में मदद मिलती है। जेनिल ने कहा कि ये चश्मे एक नहीं, बल्कि कई लाभ प्रदान करते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में एआई चश्मे को दृष्टिबाधित व्यक्तियों के जीवन में रोशनी लाने वाला बताया।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के लिए बहुत काम किया है। ‘दिव्यांग’ नाम देना ही उनके लिए सम्मान है। भगवान ने हमारे दिव्यांग भाई-बहनों को अपार ताकत दी है, और इस ताकत का दोहन करने के लिए विज्ञान और तकनीक का सहारा लेना चाहिए। उन्होंने एआई चश्मे की खासियत पर जोर देते हुए बताया कि यह चश्मा दृष्टिबाधित व्यक्तियों को कागज पर लिखा हुआ टेक्स्ट पढ़ने में सक्षम बनाता है, जो उनके कानों में उनकी मातृभाषा में सुनाई देता है। यह सुविधा उनकी पढ़ाई और दैनिक जीवन को आसान बनाएगी।

शाह ने बताया कि इस अवसर पर पांच दृष्टिबाधित व्यक्तियों को यह चश्मा प्रदान किया गया, जिन्हें उन्होंने अपनी ओर से शुभकामनाएं दी। उन्होंने देशभर की स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील की कि वे इस तरह की पहल में सहयोग करें, ताकि दृष्टिबाधित लोग पढ़ने-लिखने में माहिर हो सकें और अपने जीवन को बेहतर बना सकें।