नई दिल्ली, 30 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के अध्यक्ष राजीव मेमानी ने शनिवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर एक सकारात्मक आश्चर्य के रूप में सामने आई है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
मेमानी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से कहा, “भारतीय जीडीपी वृद्धि का 7.8 प्रतिशत का आंकड़ा एक सकारात्मक आश्चर्य के रूप में आया है। किसी को भी इस विकास दर की उम्मीद नहीं थी।”
सीआईआई अध्यक्ष ने कहा, “यह भारत के लिए बहुत ही सकारात्मक खबर है और भारत वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अलग पहचान बनाएगा और हर कोई इस पर ध्यान देगा।”
मेमानी ने कहा कि पहली तिमाही के जीडीपी विकास के आंकड़े पिछले 10 वर्षों से चली आ रही स्थिर नीति व्यवस्था को भी दर्शाते हैं।
उद्योग मंडल के अध्यक्ष ने निरंतर आर्थिक विकास के मध्यनजर सुधार लाने के लिए भारत सरकार की भी सराहना की।
सीआईआई अध्यक्ष के अनुसार, विकास विनिर्माण क्षेत्र और सेवा क्षेत्र के कई क्षेत्रों में हुआ है, इसलिए कुल मिलाकर यह काफी सकारात्मक रहा है।
मिमानी ने कहा, “जाहिर है, यह विकास गति काफी हद तक सरकारी व्यय में वृद्धि के कारण भी आई है, चाहे वह पूंजीगत और राजस्व दोनों ही क्षेत्रों में हो।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी व्यय में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है और इसी कारण पहली तिमाही में अभूतपूर्व विकास दर हासिल हुई है।
पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 6.5 प्रतिशत की तुलना में, भारत की जीडीपी वृद्धि अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई।
2025-2026 की पहली तिमाही में, कृषि क्षेत्र ने 3.7 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर के साथ वापसी की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत थी, जब कृषि उत्पादन अप्रत्याशित मानसून से प्रभावित हुआ था।
निर्माण और विनिर्माण दोनों क्षेत्रों में क्रमशः 7.6 और 7.7 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई।