शिमला, 7 जनवरी (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत रबी मौसम में गेहूं और जौ की फसलों का बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 15 जनवरी 2026 कर दी गई है।
पहले यह तिथि समाप्त होने वाली थी, लेकिन तकनीकी दिक्कतों को देखते हुए कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश के आग्रह पर भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य यह है कि कोई भी किसान फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।
कृषि विभाग के अनुसार, अब किसान 15 जनवरी तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अपनी फसलों का बीमा करवा सकते हैं। इस योजना के जरिए किसान अपनी फसलों को बुआई से लेकर कटाई तक आने वाले प्राकृतिक जोखिमों से सुरक्षित कर सकते हैं। इनमें सूखा, बाढ़, सैलाब, प्राकृतिक आग और भूमि कटाव जैसी आपदाएं शामिल हैं, जो हर साल किसानों को भारी नुकसान पहुंचाती हैं।
कृषि विकास अधिकारी मनजीत सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस योजना के तहत गेहूं और जौ की फसलों के लिए बीमित राशि 60 हजार रुपए निर्धारित की गई है। खास बात यह है कि किसानों को इस बीमित राशि का केवल 1.5 प्रतिशत प्रीमियम ही देना होगा। शेष प्रीमियम राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह है। मौसम की मार या किसी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में फसल खराब होने पर किसान को मुआवजा मिलता है, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति संभल सके। इसीलिए किसानों को समय रहते इस योजना से जुड़ना चाहिए।
कृषि विकास अधिकारी मनजीत सिंह ने सभी किसानों से अपील करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026 तय की गई है। सभी किसानों से आग्रह है कि वे समय पर, 15 जनवरी से पहले अपनी फसलों का बीमा जरूर करवा लें, ताकि अगर फसल को किसी तरह का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई हो सके।”

