Tuesday, August 18, 2026
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एआई शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे पीएम मोदी-राष्ट्रपति मैक्रों, भारत-फ्रांस संबंधों को देंगे नई दिशा

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नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह फ्रांस की यात्रा पर जाएंगे, जहां वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक्शन शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता करेंगे।

इस दौरान वह फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे, जिससे भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी।

प्रधानमंत्री 10 से 12 फरवरी तक फ्रांस में रहेंगे। वह 10 फरवरी की शाम पेरिस पहुंचेंगे। उसी दिन एलिसी पैलेस में आयोजित एक रात्रिभोज में भी शामिल होंगे, जहां दुनियाभर के तकनीकी क्षेत्र के सीईओ और अन्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

अगले दिन, 11 फरवरी को, प्रधानमंत्री एआई एक्शन समिट के तीसरे संस्करण की सह-अध्यक्षता करेंगे, जिसकी मेजबानी पहले ब्रिटेन (2023) और दक्षिण कोरिया (2024) कर चुके हैं। इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद, भारत और फ्रांस के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत भी होगी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों भारत-फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे और विभिन्न रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान नवंबर 2024 में रियो डी जेनेरो में हुई थी। इसके अलावा पिछले साल वे जनवरी में गणतंत्र दिवस समारोह और जून में इटली में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मिले थे।

इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी 11 फरवरी की शाम को मार्सिले भी जाएंगे, जहां राष्ट्रपति मैक्रों उनके सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। अगले दिन, 12 फरवरी को, दोनों नेता प्रथम विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए मजारग्यूज युद्ध कब्रिस्तान का दौरा करेंगे।

इसके अलावा, मार्सिले में भारत के नए महावाणिज्य दूतावास का भी उद्घाटन किया जाएगा, जिसकी घोषणा पीएम मोदी ने 2023 की अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान की थी। यह दूतावास न केवल भारत-फ्रांस के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करेगा, बल्कि दक्षिणी यूरोप में व्यापारिक अवसरों को भी बढ़ाएगा।

भारत और फ्रांस की साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में मजबूत रही है, भले ही वैश्विक परिस्थितियां बदलती रही हों। दोनों देश 2047 और उसके बाद के लिए एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण बना रहे हैं, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा, स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं।