वायरल वीडियो के दावों को केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किया खारिज

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तिरुवनंतपुरम, 19 जनवरी (आईएएनएस)। केरल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रथन यू. केलकर ने सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में किए गए दावों को निराधार बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। यह वीडियो आर.के. राधाकृष्णन के एक्स हैंडल से साझा किया गया था।

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर प्रतिक्रिया देते हुए केलकर ने स्पष्ट किया कि वह सुनवाई के लिए स्वयं उपस्थित हुए थे, क्योंकि वर्ष 2002 की केरल मतदाता सूची में उनका और उनके परिवार के सदस्यों का नाम दर्ज नहीं था। उन्होंने बताया कि उस समय वह अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में रह रहे थे, इसी कारण उनके नाम उस सूची में नहीं थे।

केलकर ने कहा कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी कर ली है।

उन्होंने कहा, “यह घटना हमारे लोकतंत्र की पारदर्शिता को दर्शाती है। यह तथ्य कि उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों को भी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है, लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक खूबसूरती को उजागर करता है।”

उन्होंने कहा कि वीडियो में एक समाचार रिपोर्ट का हवाला देते हुए यह आरोप लगाया गया है कि जानबूझकर बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन आयोग की नीति हर पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करने की है।

कलकर ने कहा, “यह कहना कि 2002 की सूची में किसी नाम की जांच करना असंभव है, पूरी तरह निराधार है। यह सूची बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के पास उपलब्ध है, इसलिए किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं है।”

उन्होंने वीडियो में लगाए गए उस गंभीर आरोप को भी खारिज किया, जिसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग राजनीतिक दलों के प्रभाव में काम कर रहा है।

केलकर ने कहा, “निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जो पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कार्य करती है। इसलिए जनता के बीच निराधार और गलत जानकारी फैलाने से बचा जाना चाहिए।”

उल्लेखनीय है कि आरकेराधाकृष्णनआरके, पीएचडी द्वारा साझा किए गए वीडियो में कहा गया था, “यो ज्ञानेश, आपने केरल के शीर्ष निर्वाचन अधिकारी का नाम मतदाता सूची से क्यों हटाया? यह कहना कि उनका नाम 2002 की सूची में नहीं है, क्या बेतुका नहीं है? यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा के प्रवक्ता भी इस हास्यास्पद तर्क का बचाव कर रहे हैं।”