ढाका, 7 जनवरी (आईएएनएस)। शेख हसीना की सरकार के हटने के बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार के सत्ता में आने से बांग्लादेश का प्रशासन कमजोर पड़ा है। इसका फायदा उठाकर इस्लामिक कट्टरपंथी समूहों ने अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू और ईसाई समुदाय पर हमले तेज कर दिए हैं। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम बहुल बांग्लादेश में अल्पसंख्यक ईसाई परिवार लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं और अब उन्होंने सरकार से सुरक्षा की मांग की है। क्रिसमस के बाद दक्षिणी बांग्लादेश के सतखीरा जिले के टेटुलिया गांव में स्थित सेंट फ्रांसिस जेवियर चर्च से जुड़े पांच कैथोलिक परिवारों ने 1 जनवरी को मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।
कैथोलिक समाचार वेबसाइट ‘क्रक्स’ के अनुसार, इन परिवारों का आरोप है कि बीते एक साल में उन पर कम से कम चार बार स्थानीय मुस्लिमों द्वारा हमला किया गया।
पीड़ित कैथोलिक सबुज गोल्डर ने बताया, “क्रिसमस के तुरंत बाद हम पर हमला हुआ। हम यहां सिर्फ पांच ईसाई परिवार हैं। करीब 50 लोगों ने स्थानीय हथियारों से हम पर हमला किया।”
गोल्डर ने कहा, “हम अल्पसंख्यक जरूर हैं, लेकिन इस देश के नागरिक हैं। फिर हमें न्याय क्यों नहीं मिलना चाहिए? हम सरकार से सुरक्षा चाहते हैं, ताकि सुरक्षित जीवन जी सकें।”
रिपोर्ट में बताया गया कि यह विवाद ईसाई परिवारों और कुछ स्थानीय मुस्लिम परिवारों के बीच जमीन को लेकर चल रहे मुकदमे से जुड़ा है। एक पड़ोसी गांव के ईसाई धार्मिक शिक्षक ने ‘क्रक्स’ से कहा, “जमीन को लेकर विवाद के बाद क्रिसमस के समय कैथोलिक परिवारों पर हमले हुए। हम स्थानीय राजनीतिक नेताओं से बातचीत कर मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।”
पीड़ित परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि नए साल के मौके पर स्कूलों में किताबें बांटे जाने के बावजूद हमलावरों ने बच्चों को 1 जनवरी को कक्षाओं में जाने से रोक दिया।
स्थानीय पुलिस अधिकारी जाहांगीर हुसैन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले को स्थानीय स्तर पर और प्रशासनिक माध्यमों से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि दिसंबर में ‘यूनियन ऑफ कैथोलिक एशियन (यूसीए) न्यूज’ की रिपोर्ट में भी बांग्लादेश में ईसाई समुदाय के बीच बढ़ते भय का जिक्र किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, बीते कुछ महीनों में ढाका में ईसाई संस्थानों पर कई हमले हुए।

