कोलंबो, 29 नवंबर (आईएएनएस)। श्रीलंका में आए दितवाह तूफान ने भयंकर तबाही मचाई। इस तूफान में जानमाल की काफी क्षति हुई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में दितवाह की वजह से 123 लोगों की मौत हो गई। वहीं भारत ने श्रीलंका में रह रहे भारतीय लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इसके अलावा, भारत ने बंदरानाइक अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हेल्प डेस्क भी बनाया है।
डेली मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों ने यह भी बताया है कि 130 लोग अभी भी लापता हैं और बचाव और राहत का काम जारी है। कैंडी जिले में सबसे ज्यादा 51 मौतें हुई हैं, जबकि 67 लापता हैं। बादुल्ला में 35 मौतों की पुष्टि हुई है और 27 लोग लापता हैं। इसके अलावा, केगाले में नौ मौतें, मटाले में आठ, नुवारा एलिया में छह और अम्पारा में पांच मौतें शामिल हैं।
डीएमसी ने कहा कि दितवाह से हुई तबाही ने देश भर में काफी नुकसान किया है। बाढ़, लैंडस्लाइड और तेज हवाओं से 1,02,877 परिवारों के कुल 3,73,428 लोग प्रभावित हुए हैं। महा ओया घाटी के निचले इलाकों में रहने वालों को अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यहां हाल के दिनों में भारी बाढ़ आ सकती है।
श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “श्रीलंका में भारतीय दूतावास कोलंबो के बंदरानाइक इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक इमरजेंसी हेल्प डेस्क बना रहा है। भारतीय उच्चायुक्त जरूरतमंद यात्रियों को खाना और पानी समेत सभी जरूरी मदद दे रहा है। किसी भी भारतीय यात्री को मदद की जरूरत हो तो वह इमरजेंसी नंबर +94 773727832 पर संपर्क कर सकता है।”
इसके अलावा भारत, श्रीलंका में लोगों की मदद के लिए लगातार मदद और राहत सामग्री भेज रहा है। राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं। नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स ने शनिवार को तूफान दितवाह के बाद राहत और बचाव के कामों में मदद के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत श्रीलंका में दो खास रेस्क्यू टीमें भेजीं। 80 ट्रेंड रेस्क्यूअर और चार कुत्तों वाली ये टीमें सुबह 4:06 बजे हिंडन एयरबेस से इंडियन एयर फोर्स के आईएल-76 एयरक्राफ्ट से रवाना हुईं।
इस टुकड़ी को 8वीं बटालियन के कमांडेंट पी.के. तिवारी लीड कर रहे हैं। इससे पहले भारतीय वायु सेना का एक सी-130जे विमान भी कोलंबो में उतरा। इसमें लगभग 12 टन मानवीय मदद भेजी गई, जिसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, हाइजीन किट और खाने की चीजें शामिल थीं।




