नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के खतरनाक रूप से ‘गंभीर+’ श्रेणी के करीब पहुंचने के बाद एक बार फिर सबसे कड़े प्रदूषण-रोधी प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने हालात तेजी से बिगड़ने के मद्देनजर ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) के तहत स्टेज-IV उपायों को दोबारा लागू करने की घोषणा की।
शनिवार शाम 4 बजे दिल्ली का एक्यूआई 400 दर्ज किया गया था, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालांकि, महज चार घंटे में यह बढ़कर 428 तक पहुंच गया, जो ‘सीवियर+’ श्रेणी (450 से ऊपर) की दहलीज के बेहद करीब है।
अधिकारियों के अनुसार, एक्यूआई में इस तेज उछाल के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियां और प्रदूषकों के फैलाव की कमी प्रमुख कारण हैं।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की उप-समिति ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए सर्वसम्मति से एहतियाती कदम के तौर पर स्टेज-IV उपाय लागू करने का फैसला लिया गया है।
दिसंबर 2025 में पहली बार लागू किए गए स्टेज-IV प्रतिबंधों के तहत, दिल्ली में गैर-बीएस-VI और दिल्ली पंजीकरण रहित वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
गैर-जरूरी ट्रकों की एंट्री भी रोक दी गई है। हालांकि, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले और सीएनजी, एलएनजी, इलेक्ट्रिक या बीएस-VI डीजल जैसे स्वच्छ ईंधन पर चलने वाले ट्रकों को छूट दी गई है।
निर्माण (कंस्ट्रक्शन व डेमोलिशन) गतिविधियों पर पूरी तरह रोक रहेगी। इसमें हाईवे, फ्लाईओवर और पाइपलाइन जैसी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी शामिल हैं।
संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, दिल्ली सरकार और एनसीआर के राज्य कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 तक की पढ़ाई ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर सकते हैं। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को देखते हुए कक्षा 10 और 12 को आमतौर पर इस व्यवस्था से छूट दी गई है।
सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों को सलाह दी गई है कि कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाए। ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए अलग-अलग समय (स्टैगर्ड टाइमिंग) भी लागू की जा सकती है।
प्रशासन के पास आपातकालीन विवेकाधीन कदम उठाने का भी अधिकार रहेगा, जिनमें कॉलेजों को बंद करना, गैर-जरूरी व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाना या ऑड-ईवन वाहन योजना लागू करना शामिल हो सकता है।
हालात और बिगड़ने पर केंद्र सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम के निर्देश जारी कर सकती है।

