गांधीनगर, 6 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गुजरात इकाई ने मंगलवार को गांधीनगर में ‘मिशन ग्रामीण’ अभियान के तहत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद थे।
इस ब्रीफिंग का नेतृत्व गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने किया और इसमें राज्य सरकार के ग्रामीण विकास कार्यक्रमों पर जोर दिया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप हैं। मीडिया से बात करते हुए विश्वकर्मा ने कहा कि गुजरात सरकार पीएम की विकास योजनाओं को जमीन पर वास्तविक परिणाम देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख किया, जिसके तहत हजारों परिवारों को स्थायी घर मिले हैं, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को सम्मान और सुरक्षा मिली है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य रूप से विकसित भारत – ग्रामीण रोजगार अभियान (वीबी-जी राम जी) पर ध्यान केंद्रित किया गया। राज्य भाजपा अध्यक्ष के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा जैसी योजनाओं में 100 दिन का रोजगार मिलता था, लेकिन नई योजना में यह अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इसके अलावा, कृषि सीजन के दौरान रोजगार की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
विश्वकर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार फर्जी जॉब कार्ड और धोखाधड़ी करने वाले लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ उठाने से रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकारों में कल्याणकारी निधियों का केवल एक छोटा हिस्सा ही सीधे जनता तक पहुंचता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ऑनलाइन पैसे भेजे जाते हैं।
कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी योजनाओं के नाम बार-बार बदलकर जनता को गुमराह करती रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने ऐतिहासिक रूप से गांव, रोजगार और सांस्कृतिक पहलों का विरोध किया है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्यों और दायरे को स्पष्ट करना था। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री की पहलों ने समाज के हाशिए पर पड़े वर्गों और जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने पीएम जनधन योजना, जीवन ज्योति बीमा, उज्ज्वला योजना, पीएम स्वनिधि, हर घर जल, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत और पीएम मातृ वंदना योजना का हवाला देते हुए कहा कि इन पहलों से देश में लगभग 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।

