इनोवेशन सेंटर के तौर पर उभर रहा हरियाणा: सीएम नायब सिंह सैनी

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चंडीगढ़, 6 जनवरी (आईएएनएस)। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को कहा कि राज्य खाद्य उत्पादन, रोजगार सृजन और नवाचार के केंद्र के रूप में उभर रहा है। सामूहिक प्रयासों से हरियाणा राष्ट्रीय हित में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है, और राज्य विकास की राह में हमेशा अग्रणी बना रहेगा।

गुरुग्राम विश्वविद्यालय में आयोजित पूर्व बजट परामर्श सत्र के पहले दिन के समापन सत्र को मुख्यमंत्री सैनी संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ आगे बढ़ेगा और समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए योजनाओं का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के लोगों ने एक विशिष्ट पहचान स्थापित की है। एक ओर किसान देश को खाद्य आपूर्ति करके सेवा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हरियाणा के युवा देश की सीमाओं पर सतर्क प्रहरी के रूप में खड़े होकर राज्य के गौरव को बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “आज हरियाणा ने कृषि, खेल और औद्योगिक क्षेत्र में भी अपनी एक विशेष पहचान बनाई है।” उन्होंने कहा कि 1 नवंबर, 1966 को जब हरियाणा अस्तित्व में आया, तब कई निराधार धारणाएं बनाई गईं, लेकिन राज्य के परिश्रमी और दृढ़ निश्चयी लोगों ने अपने समर्पण से हरियाणा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के संबंध में आज प्राप्त सुझाव अत्यंत सराहनीय और उपयोगी हैं। ऐसे कई सुझाव पहले के बजटों में भी शामिल किए गए थे, जिनसे राज्य के लोगों को सकारात्मक लाभ मिला। उन्होंने कहा कि चूंकि हरियाणा ‘विजन 2047’ की दिशा में आगे बढ़ रहा है, इसलिए विशेषज्ञों और जन प्रतिनिधियों के सुझाव और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों और अधिकारियों द्वारा प्रस्तुतियां नवाचार, रोजगार और ज्ञान आधारित विकास से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव लेकर आई हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में हरियाणा तेजी से प्रगति करेगा।

मुख्यमंत्री सैनी ने गुरुग्राम में आयोजित पूर्व बजट सत्र के दौरान हरियाणा विजन 2047 के अनुरूप एआई-आधारित ‘हरियाणा बजट जनभागीदारी’ पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिकों को राज्य की बजट निर्माण प्रक्रिया में सीधे भाग लेने का अवसर मिलेगा।

पोर्टल पर हरियाणवी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में सुझाव प्रस्तुत किए जा सकते हैं, जिससे समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मंच पारदर्शिता, नागरिक भागीदारी और सहभागी शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक, विशेषज्ञ और हितधारक सीधे सरकार से जुड़ सकेंगे, व्यावहारिक सुझाव साझा कर सकेंगे और बजट निर्माण प्रक्रिया को अधिक खुला, निरंतर और संवाद आधारित बनाने में मदद कर सकेंगे।