पश्चिम बंगाल: अशोकनगर इलाके में घर निर्माण के दौरान मानव कंकाल मिले, मचा हड़कंप

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कोलकाता, 30 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर इलाके में रविवार को एक नए घर के निर्माण कार्य के दौरान जमीन के नीचे दबे मानव कंकाल बरामद किए गए। कंकाल मिलने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद पुलिस इस मामले को लेकर सक्रिय हो गई है।

पुलिस के अनुसार मकान की नींव खोदते समय मजदूरों को कंकाल मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

यह घटनाक्रम अशोकनगर थाना अंतर्गत कल्याणगढ़ बाजार के पास हुआ। मजदूरों को पहले दो खोपड़ियां मिलीं और जैसे-जैसे खुदाई जारी रही, तो दूसरे कंकाल बरामद हुए। इलाके की तुरंत घेराबंदी कर दी गई।

अशोकनगर थाने के प्रभारी चिंतामणि नस्कर समेत पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।

प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने कंकालों को काफी पुराना बताया है। हालांकि, उनकी सही उम्र औपचारिक जांच और फोरेंसिक विशेषज्ञों द्वारा नमूनों की जांच के बाद ही पता चलेगी। कंकालों को जांच के लिए भेज दिया गया है।

स्थानीय निवासी आशीष मुखर्जी ने संवाददाताओं को बताया कि जिस जमीन पर कंकाल मिले हैं, वह उनके रिश्तेदारों की है।

उन्होंने बताया कि मुझे इस सब के बारे में कुछ नहीं पता था। पहले हमारे चाचा बिजन मुखर्जी का घर यहीं था। आज इंजीनियरों ने हमें बुलाकर खोपड़ी और हड्डियां दिखाईं। ऐसा लगता है कि कंकाल बहुत पुराना है।

आशीष के परिवार ने दावा किया कि वे देश की आजादी से पहले से अशोकनगर के उस इलाके में रह रहे हैं।

आशीष की पत्नी मौसमी ने कहा कि 2013 में मेरे चाचा ससुर और उनकी पत्नी की मृत्यु के बाद से यह घर बंद था। कभी-कभी मेरे चाचा ससुर की बेटियां आकर रहती थीं। अब जमीन के बंटवारे के बाद नए घर बन रहे हैं। यहीं खोपड़ी और हड्डियां मिलीं।

तृणमूल के अशोकनगर विधायक नारायण गोस्वामी ने आरोप लगाया कि अशोकनगर के वार्ड नंबर 7 के कल्याणगढ़ में पूर्व माकपा सदस्य बिजन मुखर्जी के घर के बेडरूम के फर्श के नीचे कंकाल मिला। वे कभी अशोकनगर और हावड़ा इलाके में आतंक का पर्याय थे। अस्सी के दशक में इस इलाके में उनका बोलबाला था।

तृणमूल नेता ने दावा किया कि 2002 में इलाके की एक पानी की टंकी से एक सड़ी-गली लाश बरामद हुई थी। उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं पता कि बिजन के घर से और कितने कंकाल निकलेंगे। ये उस समय के कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शव हो सकते हैं। माकपा का वह कलंकित इतिहास आज उजागर हो रहा है।

तृणमूल कांग्रेस के आरोपों पर माकपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।