राजौरी, 26 मार्च (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की प्रमुख योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ (पीएमएवाई) लोगों को पक्के मकान उपलब्ध कराकर उनके जीवन में अभूतपूर्व बदलाव ला रही है।
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में 55,000 से अधिक परिवार कच्चे से पक्के घरों में चले गए हैं, जबकि कई और घरों का निर्माण कार्य चल रहा है।
जब आईएएनएस की टीम ने योजना की सफलता का जमीनी आकलन करने के लिए राजौरी के दासल गांव का दौरा किया, तो निराशा के आशा में बदलने की कई दिल को छू लेने वाली कहानियां मिलीं।
सरपंच केवल शर्मा से लेकर गांव के निवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी को उन्हें स्थायी घरों में जाने का अवसर प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया।
राजौरी के एसीडी विजय कुमार को इस योजना को लागू करने और जिले में इसके प्रसार को देखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उन्होंने आईएएनएस को बताया कि अब तक पीएमएवाई योजना के तहत 55,000 से अधिक घर बनाए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा, “करीब 62,000 घरों को मंजूरी दी गई थी, इनमें से 55,000 से अधिक पहले ही बन चुके हैं। कुछ ऐसे भी लाभुक हैं, जिन्होंने सरकारी सहायता ली है, लेकिन अभी तक निर्माण शुरू नहीं हुआ है।”
योजना का लाभ उठाने के लिए पात्रता मानदंड साझा करते हुए उन्होंने बताया, “जिन लोगों की आय 15,000 रुपए मासिक से कम है और उनके पास कोई तीन पहिया वाहन नहीं है, वे इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।”
राजौरी के बीडीओ प्रदीप कुमार ने कहा कि कुछ बकाएदारों के खिलाफ वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
योजना की लाभार्थी रंजीता देवी ने कच्चे घर में रहने के अपने कष्टदायक अनुभव को याद किया और बताया कि कैसे पीएमएवाई उनके और उनके परिवार के लिए वरदान साबित हुई है।
उन्होंने कहा, “हमारा पुराने घर में कई खामियां थी। बारिश के मौसम में बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। हम हमेशा डर के साए में रहते थे। बारिश में छत गिरने के डर से हम कांप उठते थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम पीएम मोदी के बहुत आभारी हैं। हमने कभी नहीं सोचा था कि हमारा अपना पक्का घर होगा। सिर्फ हम ही नहीं, इस योजना से कई परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।”