बेंगलुरु, 6 जनवरी (आईएएनएस)। जिस दिन कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत डी. देवराजा उर्स के रिकॉर्ड के बराबर लंबी अवधि तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया, उसी दिन उनके समर्थकों और उपमुख्यमंत्री एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के समर्थकों ने नेतृत्व के मुद्दे पर विरोधाभासी बयान दिए।
मुख्यमंत्री के समर्थकों का कहना था कि सरकार को सिद्धरामैया के बिना चलाना मुश्किल है, जबकि शिवकुमार समर्थक एक विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री को अगली पीढ़ी के नेताओं को तैयार करना चाहिए और उन्हें पूरा भरोसा है कि सिद्धरामैया जिम्मेदारीपूर्वक आगे की राह तय करेंगे।
मंगलवार को मैसूर में एक सभा को संबोधित करते हुए सामाजिक कल्याण मंत्री एच.सी. महादेवप्पा ने कहा, “मुख्यमंत्री सिद्धरामैया के बिना इस सरकार को बचाना मुश्किल है। दलितों की राय है कि सिद्धरामैया को मुख्यमंत्री बने रहना चाहिए। हालांकि, यदि नेतृत्व में बदलाव होता है, तो मुख्यमंत्री का पद दलित को दिया जाना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस सरकार को सिद्धरामैया के बिना कल्पना करना भी असंभव है। कार्यकाल पूरा होने के बाद, शोषित, दलित, गरीब, पिछड़े वर्ग और महिलाओं की सुरक्षा और संरक्षण होना चाहिए, और मुख्यमंत्री सिद्धरामैया निश्चित रूप से इस दिशा में सोचेंगे।”
महादेवप्पा ने यह भी कहा, “यदि मुख्यमंत्री सिद्धरामैया किसी विशेष वर्ग या जमींदार ताकतों को खुश करने की कोशिश करते, तो वे अलग ऊंचाई हासिल कर सकते थे, लेकिन उन्होंने इसकी परवाह नहीं की।”
वहीं, मंत्री सतीश जारकिहोली ने बेलगावी में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री सिद्धरामैया अपना पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे।
उन्होंने कहा, “कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय पार्टी में भ्रम स्वाभाविक है। पार्टी के पास इन भ्रमों को दूर करने और आगे बढ़ने की ताकत है। मैं मुख्यमंत्री सिद्धरामैया को दिवंगत डी. देवराजा उर्स के रिकॉर्ड के बराबर रहने पर बधाई देता हूं।”
ध्यान देने वाली बात यह है कि मंत्री सतीश जारकिहोली और एच.सी. महादेवप्पा दोनों मुख्यमंत्री सिद्धरामैया के कट्टर समर्थक हैं और शोषित समुदायों से आते हैं।
वहीं, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार के समर्थक वरिष्ठ विधायक एच.सी. बालकृष्णा ने सवाल के जवाब में कहा, “मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने कहा है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वे पूरा कार्यकाल पूरा करेंगे। उन्होंने यह नहीं कहा कि वे निश्चित रूप से पूरा करेंगे। उन्होंने सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का रिकॉर्ड बनाया है। अब उच्च कमान और मुख्यमंत्री सिद्धरामैया पर निर्भर है कि पद दूसरों को सौंपना है या नहीं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब एक पीढ़ी रिटायर होती है, तो युवा पीढ़ी को आगे लाना अनिवार्य होता है। कांग्रेस पार्टी को भविष्य में भी जीवित रहना है। जैसे परिवार में बुजुर्ग अपने बच्चों को जिम्मेदारी सौंपते हैं, वही होगा। इसका मतलब यह नहीं कि मैं उनसे मुख्यमंत्री पद छोड़ने को कह रहा हूं। पार्टी ने उन्हें सब कुछ दिया है, और वे सुनिश्चित करेंगे कि पार्टी राज्य में जीवित और मजबूत रहे।”
बालकृष्णा ने कहा, “मुझे इस पर भरोसा है। मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ऐसे व्यक्ति नहीं हैं। वे जिम्मेदारीपूर्वक काम करेंगे और चीजों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएंगे।”

