Sunday, May 24, 2026
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तंजानिया में मारबर्ग वायरस की पुष्टि के बाद केन्या सतर्क

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नैरोबी, 22 जनवरी (आईएएनएस)। तंजानिया में फैले मारबर्ग वायरस के फैलने से पड़ोसी देश केन्या भी सतर्क हो गया है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि पड़ोसी देश तंजानिया द्वारा उत्तर-पश्चिमी कागेरा क्षेत्र में मारबर्ग वायरस रोग (एमवीडी) के प्रकोप की पुष्टि होने के बाद केन्या हाई अलर्ट पर है।

केन्या की राजधानी नैरोबी में मंगलवार को जारी एक बयान में स्वास्थ्य मंत्रालय में सार्वजनिक स्वास्थ्य और व्यावसायिक मानकों की प्रमुख सचिव मैरी मुथोनी ने कहा कि हालांकि केन्या में कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन तंजानिया और अन्य पड़ोसी देशों से सीमा पार बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के कारण देश में इसका खतरा बढ़ गया है।

उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य मंत्रालय सभी केन्यावासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। परिणामस्वरूप, मारबर्ग वायरस रोग की तैयारी और रिस्पॉन्स प्लान के विकास के माध्यम से देश में तैयारियों को बढ़ाया जा रहा है।”

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह बयान सोमवार को तंजानिया के कागेरा क्षेत्र में मारबर्ग वायरस के प्रकोप की पुष्टि के बाद जारी किया गया, जहां संदिग्ध संक्रमण की जांच के दौरान एक पॉजिटिव मामला सामने आया।

तंजानिया ने बताया कि सोमवार तक कुल 25 संदिग्ध मामलों की पहचान की गई है। सभी की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है और फिलहाल उन पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, तंजानिया ने इससे पहले मार्च 2023 में कागेरा क्षेत्र में एमवीडी प्रकोप की सूचना दी थी, जो देश का पहला मामला था, इस दौरान कुल नौ मामले और छह मौतें दर्ज की गई थीं।

मुथोनी ने कहा कि इस गंभीर बीमारी के प्रकोप को रोकने के लिए देश भर में सभी काउंटियों और प्रवेश के सभी बिंदुओं पर निगरानी बढ़ा दी गई है, क्योंकि इस बीमारी के कारण मौत भी हो जाती है।

मुथोनी ने कहा, “हम आम जनता को सलाह देते हैं कि वे सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का पालन करें और यदि आपको मारबर्ग वायरस रोग जैसे कोई लक्षण महसूस होते हैं तो निकटतम सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा में चिकित्सा सहायता लें।”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मारबर्ग वायरस फल खाने वाले चमगादड़ों से लोगों में फैलता है और संक्रमित लोगों के शारीरिक तरल पदार्थ, सतहों और सामग्रियों के सीधे संपर्क के माध्यम से मनुष्यों में फैलता है।

अफ्रीका में, अंगोला, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, घाना, केन्या, रवांडा, दक्षिण अफ्रीका और युगांडा में पहले भी इसके प्रकोप और छिटपुट मामले सामने आ चुके हैं।