निमृत कौर अहलूवालिया को ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद करानी पड़ी थी फिजियोथेरेपी

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मुंबई, 11 सितंबर (आईएएनएस)। टी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जानलेवा स्टंट करने वाली अभिनेत्री निमृत कौर अहलूवालिया ने कहा कि स्टंट के दौरान मांसपेशियों में खिंचाव आने के बाद दर्द से राहत पाने के लिए उन्हें फिजियोथेरेपी करानी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी कभी-कभी दर्द होता है।

शो में निमृत कौर अहलूवालिया को कई चुनौतियों से भरे स्टंट करते हुए देखा गया। रोंगटे खड़े कर देने वाले बिजली के झटकों से लेकर खौफनाक जीवों का सामना करने तक के स्टंट करते हुए देखा गया।

अपने अनुभव के बारे में बात करते हुए निमृत ने कहा, “खतरों के खिलाड़ी में भाग लेना मेरे जीवन के सबसे रोमांचक और गहन अनुभवों में से एक रहा है। मैं इन स्टंट को करने में इतनी मशगूल थी, कि अपनी सीमाओं से परे खुद को धकेल रही थी। बाद में मुझे एहसास ही नहीं हुआ कि मैं कितनी थक गई थी।”

अभिनेत्री ने कहा कि भारत वापस आने के बाद उनको बिस्तर पर अपने मांसपेशियों के खिंचाव का अहसास हुआ था।

अभिनेत्री ने कहा, “मुझे मांसपेशियों में खिंचाव और दर्द से राहत पाने के लिए फिजियोथेरेपी करवानी पड़ी। यह दर्द मुझे अभी भी महसूस होता है। लेकिन चुनौतियों के बावजूद मैं इस अनुभव को किसी भी चीज के लिए नहीं बदलूंगी। इसने मुझे दृढ़ता, साहस और मानसिक मजबूती की अहमियत सिखाई।”

निमृत ने कहा कि वह रोहित शेट्टी द्वारा होस्ट किए गए शो में हर पल के लिए आभारी हैं और उम्मीद करती हैं कि उनका सफर दूसरों को अपने डर का सामना करने के लिए प्रेरित करेगा।

इस महीने की शुरुआत में, अभिनेत्री ने रोहित शेट्टी के साथ अपने रिश्तों के बारे में बात की थी।

रोहित शेट्टी के साथ काम करने के अपने अनुभव के बारे में एक्ट्रेस ने कहा था, “रोहित सर निश्चित रूप से अब तक के सबसे अच्छे गुरु हैं। अलग-अलग परिस्थितियों में सेट पर उनके तरीके को देखकर मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है। शो की शुरुआत में शुरू से ही मैं हमेशा उन्हें अपनी क्षमता दिखाने के लिए उत्सुक थी। उन्होंने मेरे प्रदर्शन की प्रशंसा की, लेकिन मुझे लगा कि मुझे और भी कुछ साबित करना है।”

अभिनेत्री ने आगे बताया कि एक विशेष स्टंट के दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ कि आखिरकार उन्होंने उनकी नजरों में अपनी जगह बना ली है। वैसे वह उस स्टंट में सफल नहीं हो पाई थीं।

अभिनेत्री ने कहा, ”संभावनाएं मेरे पक्ष में नहीं थीं, लेकिन रोहित सर ने मेरे दृढ़ संकल्प और आगे बढ़ते रहने की मेरी इच्छा को पहचाना। वह वास्तव में मुझ पर गर्व महसूस कर रहे थे, जो मेरे लिए बहुत मायने रखता है।”

उन्होंने मुझसे कहा, “जीवन में, हम कुछ जीतते हैं और कुछ हारते हैं, ईमानदारी और इरादा ही मायने रखता है।”

निमृत ने कहा कि वह पल कुछ ऐसा था जिसे वह कभी नहीं भूल पाएंगी। यह एक ऐसी याद है जो हमेशा उनके दिल में रहेगी।