इस्लामाबाद, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान सरकार ने अफगान नागरिकों के खिलाफ एक बड़ी राष्ट्रव्यापी कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत ‘अफगान नागरिक कार्ड (एसीसी)’ धारकों सहित सैकड़ों ‘अवैध विदेशियों’ को गिरफ्तार किया गया, और फिर उन्हें अफगानिस्तान वापस भेजने के लिए शिविरों में भेज दिया गया।
पाकिस्तान में अफगान नागरिकों की स्वैच्छिक वापसी के लिए निर्धारित 31 मार्च की समय-सीमा के बाद सैकड़ों अफगान नागरिकों को हिरासत में लिया गया है और उनके परिवारों के साथ उन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
दिलचस्प बात यह है कि सुरक्षा बलों को जारी निर्देशों से पता चलता है कि यदि कोई भी अफगान नागरिक आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो पूरे परिवार को निर्वासन का सामना करना पड़ेगा।
काबुल में तालिबान सरकार ने इस्लामाबाद से पाकिस्तान में अफगान नागरिकों के प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया में देरी का अनुरोध किया था, लेकिन इस्लामाबाद इसमें ढील देने के मूड में नहीं है।
अफगान सरकार ने कहा, “उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने नए सिरे से कार्रवाई की घोषणा की है, जिसमें कहा गया कि वह बिना कानूनी निवास परमिट वाले व्यक्तियों को निर्वासित करेगा, जबकि वैध कार्डधारकों को अनिश्चितता का सामना करना पड़ेगा।”
पाकिस्तान में यूएनएचसीआर की प्रतिनिधि फिलिप कैंडलर ने कहा, “पाकिस्तान से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वह अनिश्चित काल तक अफगान शरणार्थियों की मेजबानी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाए। मानवीय सहायता की जरूरत है, न केवल अल्पकालिक राहत के लिए बल्कि दीर्घकालिक विकास पहलों को समर्थन देने के लिए भी।”
समय सीमा को आगे न बढ़ाने और कार्रवाई शुरू करने का निर्णय पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन रजा नकवी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुई बैठक के दौरान लिया गया।
सरकारी प्राधिकारियों ने कड़ी चेतावनी जारी की थी कि 31 मार्च तक देश नहीं छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, खैबर पख्तूनख्वा (केपी) प्रांत में अफगान शरणार्थियों को रखने के लिए कम से कम 43 शिविर स्थापित किए गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि अधिकारी छापेमारी करेंगे और देश में अवैध रूप से रह रहे अफगानों को हिरासत में लेंगे, जिन्हें फिर शरणार्थी शिविरों में स्थानांतरित किया जाएगा। फिर उन्हें प्रत्यावर्तन के लिए तोरखम पाक-अफगान सीमा पर लांडी कोटल क्षेत्र में ले जाने से पहले सूचीबद्ध किया जाएगा।
आंकड़े बताते हैं कि देश में कम से कम 13,44,584 अफगान नागरिक हैं, जिनमें से कम से कम 7,09,278 अफगान नागरिक केपी में रहते हैं, जिनके पास पंजीकरण प्रमाण (पीओआर) है।
प्रांतीय आंकड़ों से पता चलता है कि बलूचिस्तान में कम से कम 3,17,000 पंजीकृत अफगानी हैं, सिंध में 74,117, पंजाब में 1,96,000, राजधानी इस्लामाबाद में 42,718 और देश के अन्य हिस्सों में 4,448 अफगान शरणार्थी हैं।