पार्वती गिरि ने औपनिवेशिक शासन को खत्म करने में सराहनीय भूमिका निभाई: पीएम मोदी

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नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को स्वतंत्रता सेनानी पार्वती गिरि को उनकी जन्म शताब्दी पर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ भारत की स्वतंत्रता संग्राम में सराहनीय भूमिका निभाई थी।

उन्होंने सामाजिक सेवा और सामुदायिक कल्याण के प्रति उनके जीवन भर के समर्पण पर भी प्रकाश डाला।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, “पार्वती गिरी जी की जन्म शताब्दी पर उन्हें श्रद्धांजलि। उन्होंने औपनिवेशिक शासन को खत्म करने के आंदोलन में सराहनीय भूमिका निभाई। सामुदायिक सेवा और स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में उनका काम उल्लेखनीय है। पिछले महीने की मन की बात में मैंने यही कहा था।”

इससे पहले, 28 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में भी पार्वती गिरि का जिक्र किया था।

‘एक्स’ पर शेयर की गई एक पोस्ट में उन्होंने कहा था, “अगले महीने, हम पार्वती गिरि जी की जन्म शताब्दी मनाएंगे, जिन्होंने हमारे स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और गरीबों और वंचितों के उत्थान पर भी ध्यान दिया। मैंने आज की मन की बात में उन्हें श्रद्धांजलि दी।”

ब्रॉडकास्ट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदानों को याद किया। उन्होंने कहा था कि अगले साल, हम 77वां गणतंत्र दिवस मनाएंगे। जब भी ऐसे मौके आते हैं, तो हमारा दिल हमारे स्वतंत्रता सेनानियों और हमारे संविधान बनाने वालों के प्रति कृतज्ञता से भर जाता है।

कम जाने-माने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि भारत की आजादी एक लंबे और सामूहिक संघर्ष का नतीजा थी, जिसमें हर क्षेत्र के लोग शामिल थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि कई बहादुर पुरुषों और महिलाओं को वह पहचान नहीं मिली जिसके वे सच में हकदार थे। ऐसी ही एक स्वतंत्रता सेनानी ओडिशा की पार्वती गिरि जी हैं।

प्रधानमंत्री ने याद किया कि पार्वती गिरि 16 साल की कम उम्र में भारत छोड़ो आंदोलन में शामिल हुई थीं। आजादी के बाद उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज सेवा और आदिवासी समुदायों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कई अनाथालय स्थापित किए और वंचितों के उत्थान के लिए अथक प्रयास किया।

अपने संबोधन के आखिर में पीएम मोदी ने कहा था कि पार्वती गिरि का प्रेरणादायक जीवन आने वाली पीढ़ियों को राह दिखाता रहेगा, और उन्होंने उनकी स्थायी विरासत को दिल से श्रद्धांजलि दी।