तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती के बाद राजद ने साजिश का आरोप लगाया

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पटना, 22 जनवरी (आईएएनएस)। बिहार राज्य राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के प्रवक्ता एजाज अहमद ने गुरुवार को विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की सुरक्षा व्यवस्था में कथित कटौती पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे एनडीए सरकार द्वारा विपक्ष की आवाज दबाने का जानबूझकर किया गया प्रयास बताया।

एजाज अहमद ने कहा कि एनडीए सरकार का रवैया लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम विपक्ष के आंदोलन और विरोध प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही उसे कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है।

एजाज अहमद ने कहा कि विपक्ष के संघर्ष और आंदोलन से पहले ही तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती करना सरकार की घबराहट और बेचैनी को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव लगातार प्रमुख जन मुद्दों पर सरकार को जवाबदेह ठहराते रहे हैं, जिससे सत्ताधारी दल के नेताओं में बेचैनी पैदा हो गई है।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार इसलिए असहज है क्योंकि तेजस्वी यादव बिहार में रोजगार, विकास, महिलाओं की सुरक्षा, अपराध और हत्याओं जैसे मुद्दों पर सवाल उठाते हैं। वे हमेशा से जननेता रहे हैं और जनहित में बोलते रहेंगे।

राजद प्रवक्ता ने कथित सुरक्षा व्यवस्था में कमी को पटना में नीट परीक्षा देने वाली एक छात्रा की मौत के मामले में चल रही राजनीतिक गरमागरमी से भी जोड़ा और दावा किया कि सरकार जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय राजनीतिक बदले की भावना से लिया गया है और सवाल उठाया कि कई एनडीए नेताओं को उच्च सुरक्षा क्यों दी गई है जबकि विपक्ष के नेता की सुरक्षा कम कर दी गई है।

एजाज अहमद ने कहा कि भाजपा और जदयू नेताओं को जेड-प्लस सुरक्षा क्यों दी जा रही है, जबकि विपक्ष के नेता की सुरक्षा घटाकर वाई प्लस कर दी गई है? यह अनुचित है।

संशोधित सुरक्षा सूची के अनुसार, सत्ताधारी दल के कई नेताओं के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

कई प्रमुख भाजपा नेताओं और मंत्रियों को ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है, जिनमें नितिन नबीन, मंगल पांडे, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और विधायक संजय सरावगी और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ​​ललन सिंह शामिल हैं।

‘जेड’ श्रेणी के तहत सुरक्षा के लिए कमांडो और पुलिस कर्मियों की एक बड़ी टुकड़ी तैनात की गई है।

वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को भी ‘वाई प्लस’ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है।

अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा ऑडिट और मौजूदा खतरे के आकलन के आधार पर ये बदलाव किए गए हैं।