बुखारेस्ट, 28 फरवरी (आईएएनएस)। रोमानियाई संसद ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री मार्सेल सिओलाकू की सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
विपक्षी दलों एलायंस फॉर द यूनियन ऑफ रोमानियन्स (एयूआर), एसओएस रोमानिया और पार्टी ऑफ यंग पीपल (पीओटी) ने मंगलवार को प्रस्ताव पेश किया था। प्रस्ताव के पक्ष में 147 और विपक्ष में एक वोट पड़ा, जो पारित होने के लिए आवश्यक 233 वोटों से कम था।
सत्तारूढ़ सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी (पीएसडी), नेशनल लिबरल पार्टी (पीएनएल), यूनियन सेव रोमानिया (यूएसआर), रोमानिया में हंगरी के लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएमआर) और अल्पसंख्यक समूहों के सांसदों ने मतदान से परहेज किया।
रोमानिया के संविधान के तहत, असफल प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सांसद उसी संसदीय सत्र में दूसरा प्रस्ताव पेश नहीं कर सकते, जब तक कि सरकार अनुच्छेद 114 के तहत जिम्मेदारी नहीं ले लेती।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्ताव में तर्क दिया गया कि पूर्व राष्ट्रपति क्लाउस इओहैनिस, द्वारा स्थापित सरकार की कोई वैधता नहीं है और यह दुर्व्यवहारों और विफलताओं से भरी हुई है।
इओहैनिस ने केवल दो महीने सत्ता में रहने के बाद फरवरी की शुरुआत में इस्तीफा दे दिया था।
प्रस्ताव में प्रधानमंत्री सिओलाकू और उनके मंत्रिमंडल को नॉर्डिस घोटाले से भी जोड़ा, जो लगभग 1,000 रोमानियाई लोगों को प्रभावित करने वाली बड़े पैमाने की धोखाधड़ी का मामला है।
एयूआर नेता जॉर्ज सिमियन के अनुसार इस प्रस्ताव को गैर-संबद्ध सांसदों और जातीय अल्पसंख्यकों के एक प्रतिनिधि ने समर्थन दिया। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था, “हम अब भ्रष्टाचार नहीं चाहते, हम अब इलीस्कु (पूर्व राष्ट्रपति) के उत्तराधिकारियों को सत्ता में नहीं देखना चाहते।” उन्होंने अल्पसंख्यक सांसदों से व्यापक समर्थन की अपील की।
यह प्रस्ताव बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आया, जिसमें विपक्षी नेताओं ने सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया।
प्रधानमंत्री सिओलाकू की गठबंधन सरकार ने संसद में विश्वास मत हासिल करने के बाद 23 दिसंबर, 2024 को शपथ ली। इसमें 16 मंत्रालय और तीन उप प्रधानमंत्री पद शामिल हैं।