नोएडा : घने कोहरे के बीच गड्ढे में गिरी कार, सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

0
7

नई दिल्ली, 18 जनवरी (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा में एक 27 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की कार ड्रेनेज की बाउंड्री से टकराकर गहरे गड्ढे में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना से खराब सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर स्थानीय लोगों में गुस्सा है।

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि यह घटना शुक्रवार रात सेक्टर 150 के पास हुई। पीड़ित की पहचान युवराज मेहता के रूप में हुई है और वह काम से घर लौट रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, घने कोहरे और सड़क पर रिफ्लेक्टर न होने के कारण उसकी कार दो ड्रेनेज बेसिन को अलग करने वाली ऊंची जगह से टकरा गई। इसके बाद गाड़ी पानी से भरे 70 फुट गहरे गड्ढे में गिर गई।

चश्मदीदों ने बताया कि जैसे ही कार पानी में डूबी, युवराज ने मदद के लिए आवाज दी। बचाव कार्य तुरंत शुरू हो गया, स्थानीय पुलिस, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। युवराज के पिता राजकुमार मेहता भी ऑपरेशन के दौरान मौजूद थे।

लगभग पांच घंटे बाद, टीम मेहता और उनकी कार को खाई से बाहर निकालने में कामयाब रही, लेकिन उन्हें मौके पर ही मृत घोषित कर दिया गया।

इस दुखद घटना के बाद, मेहता के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि अधिकारियों ने न तो रिफ्लेक्टर लगाए थे और न ही सर्विस रोड के किनारे नालियों को ढका था।

मृतक के पिता राजकुमार मेहता ने कहा कि घने कोहरे के बीच सुरक्षा उपायों की कमी के कारण उनके बेटे की मौत हुई।

नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के इंचार्ज सर्वेश कुमार ने कहा कि जांच के दौरान पाई गई किसी भी लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी और जहां जरूरी होगा, कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद इलाके के निवासियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया, जिन्होंने दावा किया कि उन्होंने सर्विस रोड के किनारे रिफ्लेक्टर और सही साइन बोर्ड लगाने के लिए बार-बार अनुरोध किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोगों को शांत कराकर घटनास्थल पर रिफ्लेक्टर लगाने का निर्देश दिया गया है।