अगरतला, 16 जनवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार शिक्षा प्रणाली की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए काम कर रही है, जिसमें छात्रों में नैतिक मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अगरतला स्थित शंकरचार्य विद्यानिकेतन गर्ल्स स्कूल के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि छात्रों को नैतिक रूप से सुदृढ़ और सामाजिक रूप से जिम्मेदार व्यक्ति बनने में मदद करनी चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षकों को शैक्षणिक शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को नैतिक ज्ञान, सांस्कृतिक जागरूकता और जीवन कौशल से समृद्ध करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों का प्रभार भी संभाल रहे साहा ने कहा कि केवल किताबें पढ़ना ही आवश्यक नहीं है। बच्चों का शारीरिक रूप से स्वस्थ होना और संस्कृति एवं कृषि का अच्छा ज्ञान होना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थापना दिवस न केवल छात्रों के लिए बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों के लिए खुशी का क्षण है।
उन्होंने दोहराया कि त्रिपुरा सरकार राज्य भर में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
हाल ही में आयोजित ‘प्रवासी त्रिपुरा’ सम्मेलन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा के कई सफल व्यक्ति, जो अब अन्य राज्यों और विदेशों में बस चुके हैं, राज्य के विकास में योगदान देने के इच्छुक हैं।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में लगभग 85 प्रतिनिधियों ने भाग लिया और त्रिपुरा के लिए काम करने की इच्छा व्यक्त की। एक-दूसरे के उत्थान की सामूहिक सोच के साथ, ‘श्रेष्ठ त्रिपुरा’ का निर्माण संभव है। भविष्य में, वे त्रिपुरा को एक विकसित और आदर्श राज्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
साहा ने शिक्षा को सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली साधन बताया।
उन्होंने कहा कि मूल्यवान शिक्षा प्राप्त व्यक्ति को समाज में सम्मान मिलता है। शिक्षा अनंत है, और तेजी से हो रहे परिवर्तनों के साथ, शिक्षकों और छात्रों दोनों को ही निरंतर स्वयं को अपडेट करना चाहिए।

