इस्लामाबाद, 26 मार्च (आईएएनएस)। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (केपी) और बलूचिस्तान प्रांतों में सुरक्षा स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। ऐसे में चीन ने एक बार फिर अपने नागरिकों की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त की है। चीनी नागरिक वर्तमान में चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे हैं।
बढ़ते खतरों के बीच, चीन में पाकिस्तान के राजदूत खलील हाशमी को दक्षिण चीन के हैनान प्रांत में आयोजित बोआओ फोरम फॉर एशिया (बीएफए) के वार्षिक सम्मेलन में इस्लामाबाद के ‘सदाबहार दोस्त’ को घरेलू सुरक्षा स्थिति के बारे में समझाने के लिए हताशाजनक प्रयास करते देखा गया।
हाशमी ने बोआओ में कहा, “मुझे लगता है कि हमारे दोनों देश सूचना साझा करने और मानक संचालन प्रक्रियाओं को विकसित करने के मामले में बहुत निकटता से काम करते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पाकिस्तान में काम करने वाले चीनी नागरिक सुरक्षित हैं।”
हाशमी ने माना कि पाकिस्तान में ‘जटिल सुरक्षा स्थिति’ है लेकिन कहा कि देश में आतंकवादी ताकतों का ‘मुकाबला करने और उन्हें हराने’ की क्षमता है।
पाकिस्तानी राजदूत ने कहा, “हम अपने चीनी मित्रों को हमारे द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बारे में सूचित करते रहते हैं।”
बलूचिस्तान और केपी प्रांतों में अलग-अलग हमलों में चीनी नागरिकों को निशाना बनाया गया और उनकी हत्या कर दी गई।
बीजिंग अपने नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षा को लेकर काफ़ी चिंतित है, खास तौर पर अक्टूबर 2024 में कराची में एक आतंकी हमले के बाद से जिसमें चीनी कर्मचारियों को ले जा रहे एक काफिले को निशाना बनाया गया था। हमले में कम से कम दो चीनी इंजीनियर मारे गए और एक दर्जन अन्य घायल हो गए।
प्रतिबंधित उग्रवादी समूह बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पोर्ट कासिम इलेक्ट्रिक पावर कंपनी में काम करने वाले चीनी कर्मचारियों पर हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिन्हें जिन्ना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हुए विस्फोट में निशाना बनाया गया था।
बोआओ में पाकिस्तानी राजदूत ने सुरक्षा पर चीनी चिंताओं को ‘सर्वोच्च प्राथमिकता’ और ‘राष्ट्रीय जिम्मेदारी’ बताया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद देश में चीनी श्रमिकों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
बीएलए ने पाकिस्तान सरकार पर चीन के साथ मिलकर बलूचिस्तान के समृद्ध संसाधनों का दोहन करने का आरोप लगाया है। बीएलए ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, बलूचिस्तान में पंजाबियों और चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर बड़े हमले किए हैं और बाहरी लोगों को प्रांत से बाहर निकालने की कसम खाई है।
पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि आतंकवादी समूह प्रांत के विकास को रोक कर और क्षेत्र के युवाओं के भविष्य को अपूरणीय क्षति पहुंचाकर अपना राज्य विरोधी एजेंडा चला रहे हैं।