31 मार्च का पंचांग : त्रयोदशी तिथि पर रवि योग, अमृतकाल व अभिजित मुहूर्त, नोट कर लें राहुकाल

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नई दिल्ली, 30 मार्च (आईएएनएस)। सनातन धर्म में पंचांग का बेहद महत्व है। इसके पांच अंगों के आधार पर ही दिन की शुरुआत शुभ-अशुभ समय का निर्धारण किया जाता है। 31 मार्च 2026 को मंगलवार का दिन है। इस दिन त्रयोदशी तिथि रहेगी और रवि योग का शुभ संयोग बन रहा है।

दृक पंचांग के अनुसार इस दिन कई महत्वपूर्ण योग और मुहूर्त बन रहे हैं, जिनका सही समय जानकर आप शुभ कामों की योजना बना सकते हैं। मंगलवार को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 13 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 38 मिनट पर होगा। तिथि शुक्ल त्रयोदशी सुबह 6 बजकर 55 मिनट तक, इसके बाद शुक्ल चतुर्दशी रहेगी। उदयातिथि के अनुसार पूरे दिन त्रयोदशी तिथि रहेगी। नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी दोपहर 3 बजकर 20 मिनट तक, इसके बाद उत्तराफाल्गुनी रहेगी। योग गण्ड शाम 3 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। करण तैतिल सुबह 6 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।

31 मार्च को रवि योग और अमृत काल के कारण शुभ कार्यों के लिए अच्छा समय रहेगा। अभिजित मुहूर्त में कोई भी महत्वपूर्ण काम शुरू किया जा सकता है। वहीं राहुकाल में नया काम शुरू करने या यात्रा से बचना चाहिए।

मंगलवार को शुभ मुहूर्त की बात करें तो ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 40 मिनट से 5 बजकर 26 मिनट तक, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 1 मिनट से 12 बजकर 50 मिनट तक और विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से 3 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 37 मिनट से 7 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 8 बजकर 48 मिनट से 10 बजकर 26 मिनट तक और रवि योग सुबह 6 बजकर 13 मिनट से दोपहर 3 बजकर 20 मिनट तक फिर शाम 8 बजकर 16 मिनट से अगले दिन 6 बजकर 11 मिनट तक रहेगा।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 3 बजकर 32 मिनट से 5 बजकर 5 मिनट तक, यमगंड सुबह 9 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 52 मिनट तक और गुलिक काल दोपहर 12 बजकर 25 मिनट से 1 बजकर 59 मिनट तक और दुर्मुहूर्त सुबह 8 बजकर 42 मिनट से 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।