नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनस)। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में केरल के युवा एआई इनोवेटर राउल जॉन अजु ने अपनी प्रतिभा और अनुभवों से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
‘एआई किड ऑफ इंडिया’ के नाम से पहचाने जाने वाले राउल ने बताया कि वे कई एआई टूल्स विकसित कर रहे हैं और कंटेंट क्रिएशन के साथ-साथ बड़े कॉलेजों और स्कूलों में भी एआई की शिक्षा दे रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वे छह बार टेडएक्स स्पीकर रह चुके हैं।
राउल ने आईएएनएस से कहा कि बचपन से ही वे अलग-अलग क्षेत्रों में हाथ आजमाते रहे। उन्होंने अभिनय किया, शास्त्रीय नृत्य सीखा और कई नई चीजें सीखने की कोशिश की। उनका मानना है कि यही विविध अनुभव उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आए हैं।
उन्होंने बताया कि वे अपनी पढ़ाई, स्टार्टअप गतिविधियों, कंटेंट क्रिएशन और शिक्षण, इन सबको एक साथ संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में परीक्षाओं के कारण वे समिट के पहले दिन ही पूरी तरह शामिल हो पाए। एआई के उपयोग और दुरुपयोग पर बात करते हुए राउल ने स्पष्ट कहा कि हर तकनीक की तरह एआई भी अच्छे और बुरे दोनों तरह से इस्तेमाल हो सकता है। उन्होंने कहा, “मुद्दा यह नहीं है कि तकनीक क्या है, बल्कि यह है कि हम उसका उपयोग कैसे करते हैं।”
राउल ने बताया कि वे समिट में अपने सत्र में एआई के जिम्मेदार उपयोग, उसके लाभ उठाने के तरीकों और संभावित जोखिमों पर चर्चा करेंगे। एआई जटिल समस्याओं के समाधान में मदद कर सकता है, लेकिन गलत इस्तेमाल होने पर गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकता है।
समिट के दौरान एक प्रमुख हस्ती से मुलाकात के अनुभव को साझा करते हुए राउल ने कहा कि वह क्षण उनके लिए यादगार रहा। उन्होंने बताया कि कुछ मिनट की बातचीत में उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला और उन्होंने आयोजन में आमंत्रित किए जाने के लिए आभार भी व्यक्त किया।
केरल से आने वाले इस युवा प्रतिभाशाली नवप्रवर्तक का मानना है कि भारत की नई पीढ़ी तकनीक को सही दिशा में इस्तेमाल कर भविष्य को बेहतर बना सकती है।

