नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। पश्चिम एशिया में व्याप्त तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। मंगलवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी दी। भारत ने हमेशा डायलॉग और डिप्लोमेसी के जरिए विवाद सुलझाने पर बल दिया है।
यह पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच पहली टेलीफोनिक बातचीत है। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में सुरक्षित और खुला नौवहन बनाए रखने पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम रूट है और हालिया संघर्ष के चलते यहां तनाव बढ़ गया है।
एक्स पोस्ट पर सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से बात की। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे हालात पर चर्चा की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की अहमियत भी शामिल थी।
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान के बीच युद्ध करीब 25 दिन से जारी है। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट में हमले और ब्लॉकेज की वजह से वैश्विक तेल-गैस सप्लाई प्रभावित हुई है। भारत इस क्षेत्र से 60 फीसदी से ज्यादा कच्चा तेल और गैस आयात करता है, इसलिए संकट सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।
पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में संसद को संबोधित करते हुए इस संकट को “चिंताजनक” बताया और कहा कि भारत सभी पक्षों (ईरान, इजरायल, अमेरिका और गल्फ देशों) से लगातार संपर्क में है। उन्होंने तनाव कम करने और संवाद के रास्ते पर जोर दिया।
सोमवार को ट्रुथ, फिर पत्रकारों से बातचीत में, राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि उनके देश और ईरान के बीच सार्थक बातचीत जारी है। उनके प्रतिनिधियों की ईरान से संवाद सकारात्मक और उत्पादक रहा है। इसके चलते ही उन्होंने अपने अधिकारियों को ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर अगले पांच दिनों तक हमला न करने को कहा है। जबकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है।
हालांकि इससे पहले ट्रंप ने ईरान को होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।

