नई दिल्ली, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ और हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। दिल्ली–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर अब तक का सबसे बड़ा फास्ट इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) चार्जिंग स्टेशन शुरू कर दिया गया है।
इस सुविधा के शुरू होने से इलेक्ट्रिक वाहन उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नए स्थापित इस चार्जिंग स्टेशन पर कुल 480 किलोवाट क्षमता की 10 हाई-वोल्टेज फास्ट चार्जिंग यूनिट्स लगाई गई हैं।
इनकी खासियत यह है कि एक साथ 10 इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज किया जा सकता है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस ये चार्जर चौपहिया वाहनों को महज 30 मिनट में करीब 80 प्रतिशत तक चार्ज करने में सक्षम हैं। इसके अलावा भारी व्यावसायिक ई-वाहनों के लिए भी विशेष चार्जिंग पॉइंट्स उपलब्ध कराए गए हैं।
चार्जिंग सुविधा को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए ‘इलेक्ट्रीफाई’ मोबाइल एप्लिकेशन की मदद ली जा रही है। इस ऐप के जरिए वाहन मालिक आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकते हैं और अपने वाहन की चार्जिंग की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग भी कर सकते हैं।
डिजिटल भुगतान की सुविधा भी ऐप में उपलब्ध है, जिससे पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से स्मार्ट और पारदर्शी बन जाती है। आनंद विहार स्टेशन पर इस सुविधा के शुरू होने के साथ ही अब साहिबाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ और मेरठ साउथ सहित कुल 8 नमो भारत स्टेशनों पर ईवी चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध हो गई है। इन स्टेशनों पर फास्ट और सामान्य दोनों प्रकार के चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किए गए हैं।
यह पहल उन यात्रियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी, जो नमो भारत स्टेशन तक अपने निजी इलेक्ट्रिक वाहनों से पहुंचते हैं। अब वे यात्रा के दौरान ही अपने वाहनों को चार्ज कर सकेंगे। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की प्रवृत्ति बढ़ेगी।
एनसीआरटीसी का यह कदम न केवल यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान करता है, बल्कि प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के राष्ट्रीय लक्ष्यों की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। निगम आने वाले समय में अन्य स्टेशनों पर भी इस तरह की सुविधाओं का विस्तार करने की योजना बना रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को और बढ़ावा मिल सके।


