नोबेल पुरस्कार की मांग करना पाकिस्तान की अतिशयोक्ति : टीएस सिंह देव

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सरगुजा, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा में कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने ईरान-अमेरिका युद्धविराम में मध्यस्थता के लिए पाकिस्तानी मीडिया द्वारा नोबेल पुरस्कार की मांग की वैधता और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में गिरावट पर अपनी राय व्यक्त की।

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंह देव ने ईरान-अमेरिका युद्धविराम में मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तानी मीडिया द्वारा नोबेल पुरस्कार की मांग पर कहा कि पहले युद्ध तो रुके।

सरगुजा में टीएस सिंह देव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि युद्ध रोकने के लिए पहल कई लोगों ने की है। हमने सुना है कि पाकिस्तान ने युद्ध रोकने की पहल चीन की तरफ से की है। उसके पीछे चीन है। ऐसी बातों के लिए नोबेल पुरस्कार मिलेगा या नहीं, मुझे नहीं पता।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान तो बिचौलिया के रूप में काम कर रहा था। कतर, तुर्की समेत न जाने कितने देशों ने चर्चाएं कीं, लेकिन नोबेल पुरस्कार की मांग करना पाकिस्तान की अतिशयोक्ति है।

उन्होंने कहा कि पहले भारत रूस और अमेरिका दोनों के साथ संतुलन बनाकर रखता था और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की आवाज हुआ करती थी। राजीव गांधी ने भी अमेरिका की संसद में अपनी बात रखी थी। न्यूक्लियर वॉर को रोकने की बात उन्होंने अमेरिकी संसद में कही थी। श्वेत और अश्वेत को लेकर दक्षिण अफ्रीका में जब तनाव था, तब भी भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिना किसी दबाव और स्वतंत्र रूप से अपनी बात रखता था। आज लग रहा है कि जैसे हम लाइन में खड़े हैं।

उन्होंने कहा कि इजरायल दौरे के दो दिन बाद ही युद्ध शुरू हो गया। इससे तो यही लगता है कि हम युद्ध के लिए सहमति देकर आए हैं, या हमें इस काबिल नहीं समझा गया कि हम इस चर्चा के काबिल हों।

उन्होंने कहा कि हम रूस से तेल लेंगे या नहीं, ये हमें अमेरिका बताएगा? स्थिति ऐसी है कि आप रूस से भी महंगे कीमत पर तेल खरीद रहे हैं। वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। शर्त रखी जा रही है कि हमारे सामानों पर आप टैक्स नहीं लगाएंगे। हम इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत की स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत गिर गई है।