तेहरान, 14 मार्च (आईएएनएस)। ईरानी सेना के कमांडर इन चीफ अमीर हातमी ने कहा है कि हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत पर हुए अमेरिकी हमले का जवाब जरूर दिया जाएगा। उस स्ट्राइक में ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना के 100 से ज्यादा नौसैनिकों की मौत हो गई थी।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए ने इसकी जानकारी दी है। उसके मुताबिक यह जहाज सैन्य अभ्यास पूरा करके हिंद महासागर से वापस ईरान लौट रहा था, तभी उस पर हमला हुआ। उस समय जहाज किसी लड़ाई में शामिल नहीं था।
अमीर हातमी ने कहा, “डेना जहाज और उसके जवानों की कुर्बानी ईरान की नौसेना के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी। ईरान अपनी समुद्री सीमाओं की रक्षा करेगा और नौसेना को और मजबूत बनाएगा।”
ईरान के युद्धपोत आईआरआईएस डेना पर हमला 4 मार्च 2026 की सुबह हुआ था। यह हमला हिंद महासागर में श्रीलंका के गाले शहर के पास समुद्र में किया गया था।
यह एक छोटा ईरानी युद्धपोत था, जो भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित 2026 इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेकर लौट रहा था। ईरानी नौसेना का फ्रिगेट-क्लास वेसल आईआरआईएस डेना, 18 से 25 फरवरी तक एक अभियान में शामिल हुआ था।
इस बहुराष्ट्रीय नौसेना अभियान में लगभग 74 देशों ने हिस्सा लिया था। अमेरिका इस अभियान में शामिल नहीं हुआ था। अमेरिकी नौसेना के गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर यूएसएस पिंकनी को आना था, लेकिन इसके शुरू होने से कुछ समय पहले ही उसने इसमें न शामिल होने का फैसला लिया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्धपोत देना आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से वापसी कर रहा था, जब उस पर हमला हुआ था।
ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने हिंद महासागर में ईरानी फ्रिगेट आईआरआईएस डेना पर हमला करने और उसे डुबोने पर दुख जताते हुए अमेरिका की कड़े शब्दों में निंदा की थी। उन्होंने इस घटना को “समुद्र में की गई बर्बरता” करार दिया था।

