श्रीभूमि, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शनिवार को असम के श्रीभूमि में आयोजित जनसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए की जीत का दावा किया और विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में यह देखा गया कि न यहां की रोटी के प्रति कोई सुरक्षा थी, लोग रोटी के लिए दर-दर भटकते थे, परेशान रहते थे और रोजगार के लिए भागते फिरते थे। न यहां की बेटी सुरक्षित थी और न ही यहां की माटी सुरक्षित थी जबकि तुष्टिकरण की राजनीति सिर चढ़कर बोल रही थी। वह दौर भी देखा गया जब यहां घुसपैठियों के प्रति चिंता जताई गई, लेकिन असम के लोगों की चिंता नहीं की गई और इसी कारण असम की जनता ने उन्हें इसका दंड भी दिया।
नितिन नवीन ने कहा कि दस वर्षों में एनडीए सरकार ने असम में विकास और विरासत दोनों को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। कभी असम और बराक वैली इलाके को वोट बैंक की राजनीति के कारण अपराध का गढ़ बना दिया गया था। वर्ष 2010 से 2012 के बीच जब मैं बराक वैली इलाके में आया था और उस समय पार्टी में युवा मोर्चा का कार्य कर रहा था, तब यहां अशांति का वातावरण था। लोग सड़कों की समस्या से परेशान रहते थे और गुवाहाटी से बराक वैली तक आने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है और बराक वैली तक पहुंचने में किसी को कोई कठिनाई नहीं होती क्योंकि वहां सुगम सड़कों का निर्माण हुआ है। जनता के आशीर्वाद से ही एनडीए सरकार बनी और उसी सरकार ने आज सड़कों का जाल बिछाने का कार्य किया है। इसका श्रेय जनता को जाता है क्यों कि यहां की जनता ने एनडीए की सरकार बनाई और सरकार ने सड़कों का जाल बिछाने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले समय में असम में भाजपा की प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनने जा रही है और जनता का पूरा आशीर्वाद पार्टी को मिलने वाला है।
वहीं, लखीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि एक समय ऐसा था जब गुवाहाटी में बैठकर अपने महल बनाने की चिंता की जाती थी और दिल्ली में बैठी सरकार अपने आशियाने तक सीमित रहती थी। हालांकि अब दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐसी सरकार है जो गरीबों के लिए घर बनाने की चिंता करती है। इसी का परिणाम है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से केवल असम में ही 22 लाख गरीबों के घर बनाए गए हैं।


