गुवाहाटी, 10 मार्च (आईएएनएस)। असम सरकार की ओरुनोदोई योजना के तहत एक कार्यक्रम में 40 लाख परिवार की महिलाओं के बैंक खाते में मंगलवार को 9 हजार रुपए डाले गए हैं। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि यह असम में महिलाओं के नेतृत्व वाले घरों को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए 40 लाख लाभार्थी परिवारों में से हर एक को 9,000 रुपए ट्रांसफर किए, जिससे पूरे राज्य में महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और सम्मान और मजबूत हुआ।
पूरे असम से लाभार्थी महिलाएं गांव पंचायतों, ऑटोनॉमस काउंसिल निर्वाचन क्षेत्रों, विलेज डेवलपमेंट कमेटियों और अर्बन वार्ड कमेटियों में आयोजित 3,800 से ज्यादा पब्लिक प्रोग्राम के जरिए वर्चुअली इस मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुईं, जो इस योजना की पहल की बड़ी पहुंच और असर को दिखाता है।
सोनापुर से आई एक लाभार्थी ने कहा कि मैं इसके लिए सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं। इससे हमें अपना घर थोड़ा बेहतर ढंग से चलाने और अपने बच्चों की स्कूल की जरूरतों को मैनेज करने में मदद मिलेगी। बच्चों का पालन-पोषण बहुत अच्छे से करेंगे। अगर हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार रहती है तो हम लोगों को काफी राहत मिलेगी।
लाभार्थी जस्मिना बेगम ने कहा कि मैं सरकार को इतनी बड़ी मदद देने के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। इसकी वजह से हमारी कई मुश्किलें कम हो सकती हैं और हम इस मदद से बहुत कुछ कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह योजना 2020 से चल रही है। अन्य राज्यों के विपरीत यहां बड़े पैमाने पर पैसा ट्रांसफर नहीं होता है। ट्रांसफर केवल महिलाओं की एक विशिष्ट श्रेणी तक सीमित है, जिससे यह बहुत नियंत्रित योजना है। यह चुनाव से जुड़ी नहीं है, क्योंकि यह पिछले छह वर्षों से चल रही है। असम महिलाओं को सीधे धन हस्तांतरण करने वाला सबसे पुराना राज्य है।
असम की फाइनेंस मिनिस्टर अजंता नियोग ने इस पहल को एक ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि इस स्कीम के तहत लगभग 40 लाख परिवार-खासकर महिलाएं-कवर हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों में, राज्य में गरीब परिवारों और बचपन से लेकर बुढ़ापे तक महिलाओं की भलाई के लिए कई बड़े वेलफेयर प्रोग्राम शुरू किए गए हैं। नियोग ने कहा कि अरुणोदोई जैसी स्कीमों ने महिलाओं को अपने परिवार और समाज में ज़्यादा फाइनेंशियल आजादी और सम्मान पाने में मदद की है।

