नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने गुरुवार को दिल्ली विधानसभा में पब्लिक अकाउंट्स कमेटी को एक पत्र लिखा। इस पत्र के जरिए उन्होंने दिल्ली की कथित शराब नीति घोटाले के नाम पर रची गई राजनीतिक साजिश का जिक्र किया।
आतिशी ने अपने पत्र में लिखा, “दिल्ली की तथाकथित शराब नीति को लेकर पिछले कई वर्षों से भारतीय जनता पार्टी द्वारा जो झूठ, दुष्प्रचार और राजनीतिक साज़िश रची गई, वह अब पूरी तरह देश के सामने बेनकाब हो चुकी है। माननीय न्यायालय ने साफ कर दिया है कि दिल्ली की शराब नीति में किसी प्रकार का कोई घोटाला नहीं हुआ था और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। इतना ही नहीं, अदालत ने सीबीआई के केस को स्वीकार करने से ही इनकार कर दिया।”
उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल दो नेताओं की व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि दिल्ली की जनता के सम्मान और सच्चाई की जीत है। आतिशी ने कहा कि यह भी स्पष्ट हो गया है कि किस तरह केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार ने अपने राजनीतिक विरोधियों को बदनाम करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया। भाजपा ने अपने राजनीतिक फायदे के लिए झूठे केस बनवाए, लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की और जनता के नेताओं को जेल में डालकर लोकतंत्र का मजाक उड़ाया। यह केवल राजनीतिक बदले की भावना नहीं थी, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सीधा हमला था।
आतिशी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को अब नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए देश और दिल्ली की जनता के सामने ये साजिश रचने का सच स्वीकार करना चाहिए। उन्हें सार्वजनिक रूप से पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और दिल्ली की दो करोड़ जनता से माफी मांगनी चाहिए।

