‘आत्मनिर्भर और विकसित अमृतसर’ के लिए केंद्र ने खजाने खोल दिए: श्वेत मलिक

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अमृतसर, 14 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने शनिवार को अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर के विकास और रेलवे परियोजनाओं को लेकर बड़े खुलासे किए। मलिक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से ‘आत्मनिर्भर और विकसित अमृतसर’ के सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ने खजाने खोल दिए हैं। उन्होंने बताया कि लंबे समय से राजनीति की भेंट चढ़े अमृतसर–फिरोजपुर रेलवे लिंक प्रोजेक्ट के लिए 764 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं।

श्वेत मलिक ने जानकारी दी कि इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए फिरोजपुर और तरन तारन के जिला प्रशासन को फंड ट्रांसफर कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि डीसी फिरोजपुर को 56 करोड़ रुपए और डीसी तरन तारन को 131 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं, ताकि किसानों को उचित मुआवजा देकर जल्द से जल्द काम शुरू किया जा सके। इस रेल लिंक के बनने से अमृतसर से मुंबई की दूरी करीब 5 घंटे कम हो जाएगी और पंजाब सीधे गुजरात व राजस्थान की बंदरगाहों (कांडला पोर्ट) से जुड़ जाएगा। इससे व्यापारियों और उद्योगपतियों को माल ढुलाई में बड़ी राहत मिलेगी।

मलिक ने पंजाब की मौजूदा आम आदमी पार्टी और पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इन सरकारों ने हमेशा केंद्रीय परियोजनाओं में बाधाएं डाली हैं। उन्होंने कहा कि जहां राज्य सरकारों ने केवल बयानबाजी की, वहीं मोदी सरकार ने पंजाब के रेलवे विकास के लिए 5,673 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया है। उन्होंने सतलुज नदी पर 400 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले नए रेलवे पुल का भी उल्लेख किया, जिसका काम जल्द शुरू होने जा रहा है।

अमृतसर शहर के आंतरिक विकास पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अमृतसर रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए काम जारी है। छेहरटा रेलवे स्टेशन पर 60 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। शहर की ट्रैफिक समस्या के समाधान के लिए रीगो ब्रिज को फोर-लेन किया जा रहा है, जो अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा।

इसके अलावा वेरका रेलवे ओवरब्रिज और जोड़ा फाटक अंडरपास जैसे प्रोजेक्ट भी लोगों को बड़ी सुविधा दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वंदे भारत के बाद अब दिल्ली–अमृतसर बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी काम शुरू हो चुका है।

इस मौके पर उनके साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, व्यापार मंडल के प्रतिनिधि और विभिन्न यूनियनों के अध्यक्ष मौजूद रहे, जिन्होंने इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार का धन्यवाद किया।