सिडनी, 12 मार्च (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के न्यू साउथ वेल्स राज्य में हाल ही में खसरे के मामलों में आई बढ़ोतरी मुख्य रूप से दक्षिण पूर्व एशिया में संक्रमित हुए लोगों के कारण हुई है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
स्वास्थ्य विभाग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि 1 जनवरी 2025 से 7 मार्च 2026 के बीच न्यू साउथ वेल्स में खसरे के 60 पुष्ट मामलों की सूचना अधिकारियों को दी गई।
इनमें से 34 लोगों को विदेश में खसरे का संक्रमण हुआ था, जिनमें 32 लोग ऐसे थे जिन्होंने दक्षिण पूर्व एशिया के देशों की यात्रा की थी।
न्यू साउथ वेल्स में दर्ज 18 अन्य मामले ऐसे व्यक्ति से जुड़े थे जिसे विदेश में खसरा होने की पुष्टि हुई थी, जबकि बाकी आठ मामलों में संक्रमण का स्रोत ज्ञात नहीं हो सका।
ऑस्ट्रेलियाई रोग नियंत्रण केंद्र द्वारा संचालित नेशनल नोटिफिएबल डिजीज सर्विलांस सिस्टम के ताजा आंकड़ों के अनुसार गुरुवार तक 2026 में एनएसडब्ल्यू में खसरे के 25 पुष्ट मामले दर्ज किए गए थे। इसके मुकाबले पूरे 2025 में 37 मामले और 2024 में 18 मामले सामने आए थे।
पड़ोसी राज्य विक्टोरिया में 2026 में अब तक 21 खसरे के मामले दर्ज किए गए हैं जबकि 2025 में 36 और 2024 में 17 मामले सामने आए थे।
हेल्थ प्रोटेक्शन एनएसडब्ल्यू की कार्यकारी निदेशक विक्की शेपर्ड ने कहा कि यह रिपोर्ट समय पर एक महत्वपूर्ण याद दिलाने का काम करती है कि टीकाकरण क्यों इतना जरूरी है।
संघीय सरकार के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया में दो साल के बच्चों में खसरे के टीकाकरण की दर 91.2 प्रतिशत है, जो झुंड प्रतिरक्षा (हर्ड इम्युनिटी) हासिल करने के लिए तय 92-94 प्रतिशत के राष्ट्रीय लक्ष्य से कम है।
खसरा दुनिया की सबसे संक्रामक बीमारियों में से एक है। यह संक्रमित व्यक्ति के नाक या गले के स्राव (खांसने या छींकने) के संपर्क में आने या उस हवा में सांस लेने से फैलता है जिसमें खसरे से संक्रमित व्यक्ति ने सांस ली हो। वायरस हवा में या संक्रमित सतहों पर दो घंटे तक सक्रिय और संक्रामक बना रह सकता है, इसलिए यह अत्यधिक संक्रामक है। खसरे से संक्रमित एक व्यक्ति से औसतन 18 अन्य लोगों को संक्रमण हो सकता है।
खसरे से बीमार होने या इसे दूसरों तक फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका टीकाकरण है। यह टीका सुरक्षित है और शरीर को वायरस से लड़ने में मदद करता है।

