वियना, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। ऑस्ट्रिया स्थित ईरान के दूतावास ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास पर ‘पाखंड’ करने का आरोप लगाया है। यह विवाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी तनाव को लेकर दिए गए उनके बयान के बाद सामने आया है।
कलास ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत में कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में “टोल-फ्री नेविगेशन की बहाली” तत्काल प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप होने के लिए ईरान के हमलों को जिम्मेदार ठहराया था।
इसके जवाब में ईरानी दूतावास ने दो पोस्ट जारी कर कलास के बयान की आलोचना की। दूतावास ने आरोप लगाया कि वह “अमेरिका-इजरायल गठबंधन के आक्रामक हमलों” को नजरअंदाज कर रही हैं, जबकि ईरान की कार्रवाइयों को “सिर्फ रक्षात्मक” बताया गया।
दूतावास ने कानूनी आधार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कलास ने ईरान से ‘यूएन कंवेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी’ का सम्मान करने की अपील की, जबकि ईरान इस संधि का पक्षकार ही नहीं है।
अपने बयान में दूतावास ने तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कलास के सलाहकारों पर भी निशाना साधा और उन्हें “हां में हां मिलाने वाले” बताया। साथ ही, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए कहा गया कि उनके आसपास भी इसी तरह के लोग थे।
दूतावास ने यह भी दावा किया कि ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि का पालन किया है, इसके बावजूद उसके “शांतिपूर्ण और निगरानी में चल रहे परमाणु ठिकानों” पर हमले किए गए।
अपनी बात को समाप्त करते हुए दूतावास ने लिखा, “इंटरनेशनल कानून सबके लिए समान होने चाहिए, सबके सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए: ईरानी, फिलिस्तीनी, लेबनानी, सीरियाई, इराकी, यमनी और सभी दबे-कुचले लोग सम्मान के हकदार हैं। किसी को भी अपने फायदे के लिए और दूसरों की जायज मांगों को कुचलने के लिए पाखंडी तरीके से इसका इस्तेमाल करने का हक नहीं है।”
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है, और यहां बढ़ता तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बना हुआ है।


