आजमगढ़, 11 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा आजमगढ़ को दी गई बड़ी सौगात महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय आज क्षेत्र में उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। आजमगढ़ से भाजपा का कोई जनप्रतिनिधि नहीं होने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी भेदभाव के जिले को यह विश्वविद्यालय प्रदान किया।
वर्ष 2021 में स्थापित इस विश्वविद्यालय ने कम समय में शिक्षा, आधारभूत संरचना और सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। यहां विद्यार्थियों के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट क्लासेस, वाई-फाई युक्त लाइब्रेरी, संगीत भवन, खेलकूद की समुचित व्यवस्थाएं और विभिन्न विषयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे जिले के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है।
विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा ने आईएएनएस से बातचीत में बताया कि विश्वविद्यालय की स्थापना वर्ष 2021 में हुई थी और वर्ष 2024 में प्रशासनिक व शैक्षणिक गतिविधियां नए कैंपस में स्थानांतरित की गईं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में लगभग 80 नियमित फैकल्टी तथा लगभग उतने ही आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं, जो विभिन्न पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शुरुआती वर्षों में छात्र संख्या लगभग 300 थी, जो कुलपति के प्रयासों और नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरुआत के बाद बढ़कर लगभग 1,300 हो गई है। अधिकांश कक्षाएं स्मार्ट क्लास के रूप में संचालित की जा रही हैं। विश्वविद्यालय में स्टेट ऑफ द आर्ट लाइब्रेरी और म्यूजिक भवन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनका विद्यार्थी भरपूर लाभ उठा रहे हैं। विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी महाविद्यालयों के छात्रों के लिए भी खोली गई है और आसपास के एडेड व सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों से भी इसी तर्ज पर लाइब्रेरी विकसित करने का अनुरोध किया गया है।
डॉ. मिश्रा ने विश्वविद्यालय की अन्य विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। विश्वविद्यालय ने आसपास के लगभग पांच गांवों को गोद लिया है और वहां सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले यहां के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दो घंटे दूर पूर्वांचल विश्वविद्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब जिले में ही उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होने से समय और धन दोनों की बचत हो रही है। साथ ही, विश्वविद्यालय की स्थापना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
लाइब्रेरी कोऑर्डिनेटर बृज किशोर मिश्रा ने बताया कि विश्वविद्यालय में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। लाइब्रेरी में ऑनलाइन वाई-फाई सुविधा के साथ-साथ विभिन्न लेखकों की पर्याप्त संख्या में पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिससे विद्यार्थी अपनी पढ़ाई सुगमता से कर पा रहे हैं। उन्होंने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार जताया।
विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी यहां की सुविधाओं की सराहना की। एमएससी के छात्र पवन कुमार चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय नजदीक होने से उन्हें दूर जाकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ती। यहां सभी कक्षाएं व्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही हैं और लाइब्रेरी में आवश्यक किताबें आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। उन्होंने इसे सरकार का सराहनीय कदम बताया।
छात्रा निशा सिंह ने कहा कि पहले उन्हें पूर्वांचल विश्वविद्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब जिले में ही डिजिटल बोर्ड और आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा मिल रही है। उन्होंने छात्रों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने पर योगी सरकार का धन्यवाद किया।
बीसीए की छात्रा शांभवी गुप्ता ने कहा कि योगी सरकार में छात्राएं अपने सपनों को साकार कर रही हैं। यह रैगिंग-फ्री विश्वविद्यालय है, जहां पढ़ाई के साथ-साथ एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जाता है। पहले उच्च शिक्षा के लिए कानपुर या इलाहाबाद जैसे शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब जिले में ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे शिक्षा स्तर में वृद्धि हो रही है।
एलएलएम की छात्रा ज्योति ने कहा कि स्थानीय छात्रों को विश्वविद्यालय स्तर पर पढ़ने का अवसर मिला है, जिससे उनका सपना पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि यहां भेदभाव नहीं है और लड़कियों के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध है।
इंटीग्रेटिव साइंस विभाग की शिक्षिका विभा मिश्रा ने कहा कि विश्वविद्यालय खुलने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को विशेष लाभ मिला है। पहले गांव की लड़कियों को बाहर पढ़ने में कई सामाजिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब वे जिले में ही उच्च शिक्षा प्राप्त कर पा रही हैं और बड़ी संख्या में भागीदारी कर रही हैं।
वहीं, कॉमर्स विभाग की अतिथि प्रवक्ता वैशाली सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्थापना न केवल छात्रों बल्कि फैकल्टी के लिए भी लाभकारी सिद्ध हुई है। आर्थिक और सामाजिक कारणों से जो छात्राएं बाहर नहीं जा पाती थीं, उनके लिए यह विश्वविद्यालय किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर साबित हो रहा है।

