बीजिंग में प्रवासी भारतीयों ने चीनी और विदेशी मित्रों संग मनाई होली

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बीजिंग, 3 मार्च (आईएएनएस)। चीन की राजधानी बीजिंग में रविवार, 1 मार्च 2026 को रंगों का उत्सव पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। प्रवासी भारतीय समुदाय ‘बीजिंग इंडियन्स’ के तत्वावधान में आयोजित इस होली समारोह में करीब 300 लोगों ने भाग लिया। ख़ास बात यह रही कि इस आयोजन में न केवल भारतीय समुदाय बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय चीनी नागरिकों और अन्य देशों के लोग भी शामिल हुए। रंग, संगीत और मेल-मिलाप के इस उत्सव ने बीजिंग की फिज़ा को कुछ देर के लिए भारतीय रंगों से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही रौनक दिखाई देने लगी थी। पारंपरिक भारतीय परिधानों में सजे लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दे रहे थे। बच्चों से लेकर बुज़ुर्गों तक, हर उम्र के लोग रंगों के इस त्योहार में पूरे मन से शामिल हुए। कई चीनी प्रतिभागियों ने पहली बार होली का अनुभव किया और उन्होंने इसे बेहद आनंददायक बताया। रंगों के साथ-साथ चेहरे पर मुस्कान और दिलों में अपनापन साफ झलक रहा था।

समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उत्सव को और भी जीवंत बना दिया। मंच पर बॉलीवुड गीतों की धुन पर डांस प्रस्तुतियाँ हुईं, जिनमें युवाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। होली के पारंपरिक गीतों के साथ-साथ लोकप्रिय बॉलीवुड गानों की प्रस्तुति ने माहौल को उत्साह से भर दिया। बच्चों की ग्रुप डांस प्रस्तुति ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और उन्हें भरपूर सराहना मिली।

इस अवसर पर बीजिंग के प्रसिद्ध भारतीय रेस्तरां ‘दास्तान’ की ओर से शुद्ध भारतीय व्यंजन परोसे गए। मेहमानों को पारंपरिक भारतीय पकवानों का स्वाद चखने का अवसर मिला। खाने की खुशबू और स्वाद ने लोगों को भारत की याद दिला दी। कई विदेशी मेहमानों ने भारतीय व्यंजनों की विविधता और मसालों के संतुलन की सराहना की। स्वाद और रंगों का यह संगम आयोजन की ख़ास पहचान बन गया।

इस कार्यक्रम के आयोजक अरुण मोगर ने CGTN हिन्दी से बातचीत में बताया कि चीन में होली का पर्व अब केवल भारतीय समुदाय तक सीमित नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि बीजिंग में पिछले तीन वर्षों से लगातार होली बड़े पैमाने पर मनाई जा रही है और हर साल इसमें भाग लेने वालों की संख्या बढ़ रही है। उनके अनुसार, इस आयोजन में चीनी नागरिकों और अन्य गैर-भारतीय लोगों की भागीदारी उल्लेखनीय रहती है, जो इस त्योहार को एक सांस्कृतिक सेतु का रूप देती है।

बीजिंग में मनाई गई यह होली केवल एक पारंपरिक भारतीय त्योहार का उत्सव नहीं थी, बल्कि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक मित्रता का प्रतीक बनकर सामने आई। रंगों से सराबोर यह दिन इस बात का प्रमाण रहा कि त्योहार सीमाओं में नहीं बंधते, वे दिलों को जोड़ते हैं।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)