नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। आज की आधुनिक और तेज रफ्तार जीवनशैली में, अधिकांश लोगों को अपने करियर या नौकरी के संबंध में शारीरिक और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ता है।
इस वजह से ज्यादातर लोगों में स्थिरता और एकाग्रता की कमी देखी जाती है। इसी को लेकर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने ‘भद्रासन’ को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी है।
योग केवल ध्यान या शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है जो मन, शरीर और आत्मा को संतुलित करती है। उन्हीं में से एक भद्रासन एक महत्वपूर्ण योगासन है, जो मुख्य रूप से पेल्विक क्षेत्र, जांघों और कमर को मजबूती और लचीलापन बनाने में मदद करता है।
भद्रासन को तितली आसन का ही एक प्रकार माना जाता है। यह आसन मानसिक स्थिरता और एकाग्रता के लिए उत्कृष्ट मानी जाती है। आयुष मंत्रालय का कहना है कि भद्रासन को नियमित रूप से प्रतिदिन करने से ये न सिर्फ आपके शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक तनाव को भी कम करने में सहायक है।
आयुष मंत्रालय ने भद्रासन को अपने दैनिक जीवन में शामिल करने के साथ इसकी विधि के बारे में भी बताया है। जिसके मुताबिक, भद्रासन करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाकर, पीठ व कमर सीधा रखते हुए बैठें।
इसके बाद दोनों हथेलियों को नितंब के पास जमीन पर रखें। अब दोनों पैरों के तलवे पास ले आएं। फिर श्वास भरते हुए पैरों के पंजे हाथों से पकड़ लें। इसके साथ श्वास भरते हुए एड़ियों को मूलधारा क्षेत्र के जितना संभव हो, नजदीक लाएं। इस अवस्था में 10 से 30 सेकेंड तक रुकें। फिर सामान्य रूप से श्वास लेते रहें।
भद्रासन एक ऐसा आसन है, जिसका नियमित अभ्यास करने से शरीर को आंतरिक शक्ति मिलती है। यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। इसे करने से मुख्य रूप से शरीर को स्थिरता मिलती है। यह मन को स्थिर और सोच को केंद्रित बनाए रखने में मदद करता है।

