भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ कांग्रेस शुरू करेगी राष्ट्रव्यापी अभियान

0
7

नई दिल्‍ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। कांग्रेस ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क और आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। इस संबंध में कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने जानकारी दी।

यह फैसला शुक्रवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पार्टी महासचिवों, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं की एक बैठक में लिया गया। बैठक में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सक्खू ने भी हिस्सा लिया।

बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने पत्रकारों को बताया कि पार्टी 24 फरवरी को भोपाल से किसान सम्मेलनों की श्रृंखला प्रारंभ करेगी, जिन्हें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी संबोधित करेंगे। इसके बाद 7 मार्च को महाराष्ट्र के यवतमाल में किसान सम्मेलन होगा। तीसरा सम्मेलन मार्च में राजस्थान के श्रीगंगानगर में होगा।

जयराम रमेश ने बताया कि बैठक में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा हुई। कांग्रेस का मत है कि यह समझौता दबाव में किया गया है और इसका पहला असर कपास, सोयाबीन, मक्का, फल और मेवा उत्पादक किसानों पर पड़ेगा। पार्टी द्वारा पहले चरण में जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र में इस मुद्दे को उठाया जाएगा। इसके बाद इस अभियान का विस्तार अन्य राज्यों में भी किया जाएगा और सीधे जनता के बीच इस मुद्दे को ले जाया जाएगा।

उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और राहुल गांधी ने बैठक में इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी का दूसरा ‘सरेंडर’ बताया। उन्होंने याद दिलाया कि 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोका जाना पहला ‘सरेंडर’ था।

जयराम रमेश ने कहा कि जैसे तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों ने लंबा आंदोलन चलाया था, उसी तरह कांग्रेस किसान संगठनों के साथ मिलकर इस व्यापार समझौते के प्रभावों को उजागर करेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील न होकर ‘ट्रैप डील’ थी, जिसमें मोदी सरकार ने किसानों के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि किसानों के हक की रक्षा के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ‘किसान सम्मेलन’ आयोजित कर इस मुद्दे को गांव-गांव तक ले जाएगी।