नई दिल्ली, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और सशक्त बनाने पर सार्थक चर्चा हुई।
बैठक में दोनों नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया। आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी सहमति बनी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान और उनके प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करके मुझे प्रसन्नता हुई। हमने अपने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं को मजबूत करने पर चर्चा की। साथ ही, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। आपस में निरंतर संपर्क बनाए रखने पर सहमति बनी।”
बांग्लादेश के विदेश मंत्री खालिलुर रहमान मंगलवार को ‘सद्भावना यात्रा’ पर नई दिल्ली पहुंचे थे। ढाका ने उम्मीद जताई है कि यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग को और अधिक मजबूत और स्थायी बनाने की दिशा में अहम आधार तैयार करेगा।
इस दौरे को खास माना जा रहा है क्योंकि फरवरी में बीएनपी-नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद यह किसी बांग्लादेशी मंत्री की पहली भारत यात्रा है। इससे भारत-बांग्लादेश संबंधों में नई दिशा मिलने के संकेत माने जा रहे हैं।
इस मुलाकात पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक और मजबूत संबंध हैं, जो लोगों के आपसी जुड़ाव पर आधारित हैं। यह यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूती देगी।
बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के अनुसार, रहमान 10 से 12 अप्रैल तक मॉरीशस में होने वाले इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने जा रहे हैं, और इससे पहले वे नई दिल्ली में ठहरेंगे। यहां वे भारत के विदेश मंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री के साथ शिष्टाचार मुलाकात करेंगे।
इससे पहले भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी। भारत ने साझा हितों के आधार पर सकारात्मक और रचनात्मक तरीके से संबंध मजबूत करने की इच्छा जताई।
वहीं, हाल ही में भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात कर रक्षा सहयोग, संयुक्त प्रशिक्षण और क्षेत्रीय शांति को लेकर बातचीत की।

