कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष देश की विकास यात्रा में सबसे बड़ा स्पीड ब्रेकर: सांसद दिनेश शर्मा

0
3

नई दिल्ली, 17 फरवरी (आईएएनएस)। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने एआई समिट पर विपक्ष के विरोध पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बर्दाश्त नहीं होता है कि भारत प्रगति कर रहा है।

आईएएनएस से बातचीत में भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत विश्व में नायक के तौर पर चलने लगेगा तो विपक्षी दल कहेंगे कि भारत नायक बनकर क्यों चल रहा है। भारत की प्रगति पर विपक्ष हमेशा विरोध करेगा, क्योंकि विपक्ष को सिर्फ विरोध करना ही आता है। विपक्ष के पाकिस्तान और चीन में हेडलाइन बनेंगे। विपक्ष को इससे मतलब नहीं है कि भारत चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। सरकार किसान की आय को दोगुनी करने के लिए काम कर रही है और विपक्ष किसानों को भड़काने का काम कर रही है जिससे प्रगति के लक्ष्य बाधित हो जाएं। सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि भारत के विकास की यात्रा में सबसे बड़ा स्पीड ब्रेकर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष बना है।

कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि कांग्रेस परस्पर विरोधाभास का युद्धस्थल बन चुका है। नेताओं में नेतृत्व और नीतियों के प्रति असंतोष है और समय-समय पर खुलकर निकलता है। कभी शशि थरूर, कभी दिग्विजय सिंह और अब मणिशंकर अय्यर बोल रहे हैं।

भाजपा सांसद ने कहा कि जिस पार्टी में नीति और सिद्धांत में मतभेद होते हैं, वह दल ज्यादा दिनों तक टिकता नहीं है। पीएम मोदी के समय में सबका साथ सबका विकास हो रहा है, और जातिवाद खत्म हो रहा है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि मुझे लगता है कि असम के मुख्यमंत्री ने जो कुछ भी कहा है वह संविधान के दायरे में ही कहा है। वे संविधान को मानने वालों में से एक हैं। न्यायालय की टिप्पणी पर कोई टिप्पणी करना ठीक नहीं है।

भाजपा सांसद ने कहा कि कांग्रेस और ममता बनर्जी सिद्ध करना चाहते हैं कि तुष्टीकरण की राजनीति में कौन सबसे आगे है। हमारी सरकार में सभी को राशन दिया जाता है। इस दौरान जाति के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाता है। हमारी सरकार शिक्षा की चिंता करती है, लेकिन विपक्ष वोट पाने के लिए तुष्टीकरण की राजनीति करती है। उन्होंने कभी अल्पसंख्यकों की भलाई के लिए कुछ नहीं किया। भाजपा हिंदू-मुसलमान को अलग दृष्टि से नहीं देखती। सबके लिए समान न्याय हो, किसी के साथ तुष्टिकरण न हो, इस नीति पर चलती है।